संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतरराष्ट्रीय संगठन – स्थापना – उद्देश्य – सदस्य – मुख्यालय – सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतरराष्ट्रीय संगठन

संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतरराष्ट्रीय संगठन – स्थापना – उद्देश्य – सदस्य – मुख्यालय – सम्मेलन

 

अरब लीग (League of Arab States)

● स्थापना – 22 मार्च, 1945 को काहिरा (मिस्र) में हुई।

• मुख्य उद्देश्य – सदस्य राष्ट्रों का परस्पर सहयोग एवं हित संवर्द्धन

• वर्तमान सदस्य संख्या – 22

वर्तमान सदस्य – अल्जीरिया, बहरीन, कैमरून, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनिशिया, संयुक्त अरब अमीरात (U.A.E.), यमन गणराज्य एवं फिलीस्तीनी मुक्ति संगठन।

• मुख्यालय – काहिरा (मिस्र), लेकिन अब ट्यूनिस में।

दक्षेस (SAARC)

• पूरा नाम – दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ

• स्थापना – 8 दिसम्बर, 1985 को हुई (ढाका) ।

• सदस्य – कुल आठ भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव, पाकिस्तान और अफगानिस्तान

• सचिवालय – काठमांडू (नेपाल)

• उद्देश्य –

(i) दक्षिण एशिया क्षेत्र की जनता के कल्याण एवं उनके जीवन स्तर में सुधार; (ii) दक्षिण एशिया के देशों की सामूहिक आत्म-निर्भरता में वृद्धि; (iii) क्षेत्र का आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास; (iv) आपसी विश्वास, सूझ-बूझ तथा एक दूसरे की समस्याओं का मूल्यांकन; (v) आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्र में सक्रिय सहयोग एवं पारस्परिक सहायता; (vi) अन्य विकासशील देशों के साथ सहयोग में वृद्धि; (vii) अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करना ।

ओपेक (OPEC)

• पूरा नाम – ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कन्ट्रीज

• स्थापना – 1960 ई० में बगदाद (इराक) में हुई। में

● सदस्य – कुल तेरह- अल्जीरिया, इक्वेडोर, गैबन, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, लीबिया, नाइजीरिया, कतर, सउदी अरब, यू०ए०ई० (संयुक्त अरब अमीरात) तथा वेनेजुएला ।

• उद्देश्य पेट्रोलियम निर्यात करने वाले देशों के हितों का संरक्षण करना। तेल की कीमतों को स्थिरता प्रदान करना तथा समय-समय पर सदस्य देशों के हित संवर्द्धन हेतु नीति-निर्धारण करना।  

● मुख्यालय – वियना (ऑस्ट्रिया)

राष्ट्रमंडल (Commonwealth)

स्थापना – 1926

सदस्य – कुल 53 सदस्य, जिनमें ब्रिटेन एवं उसके उपनिवेश शामिल हैं (जो अब स्वतंत्र राष्ट्र हैं)। संगठन का अंतिम सदस्य द० अफ्रीका है।

● उद्देश्य – सदस्य राष्ट्रों को आर्थिक, तकनीकी, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए प्रयास करना।

मुख्यालय – मालवरी हाउस, लंदन (इंग्लैण्ड)

ध्यातव्य – इस संगठन के सदस्य राष्ट्रों में परस्पर प्रतिनियुक्त राजनायिक प्रतिनिधि “उच्चायुक्त’ (High Commissioner) कहलाते हैं, न कि ‘राजदूत’ (Ambassador ) |

● CHOGM राष्ट्रमण्डल देशों के शासनाध्यक्षों का सम्मेलन (CHOGM) प्रत्येक दूसरे वर्ष आयोजित होता है।

गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM)

● पूरा नाम – नॉन एलाइन्ड मूवमेंट (गुटनिरपेक्ष आंदोलन अथवा निर्गुट आंदोलन)।

● स्थापना- 1961 ई. में बेलग्रेड (पूर्व युगोस्लाविया) में हुई।

● इस संगठन की स्थापना के प्रमुख प्रेरणा स्रोत इसके तीन संस्थापक सदस्यों युगोस्लाविया, मिस्र और भारत के तत्कालीन राजनेता क्रमश: मार्शल जोसेफ बाज टोटो, कर्नल गमाएल नासिर और पं. जवाहर लाल नेहरू थे।

सदस्य – कुल 120 हैं।

● गुट निरपेक्षता से तात्पर्य है गुटबंदी से दूर रहना।

• इस आंदोलन के प्रमुख लक्ष्य :

(i) स्वतंत्र विदेश नीति, (ii) उपनिवेशवाद का विरोध, (iii) सैनिक गुट का सदस्य न होना, (iv) महाशक्ति के साथ सैनिक गठबंधन न होना तथा (v) किसी महाशक्ति को अपने क्षेत्र में सैनिक अड्डा बनाने की इजाजत न देना। संक्षेप में आज वे देश गुटनिरपेक्ष माने जाते हैं जो स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करते हैं

रेडक्रॉस (RED CROSS)

• यह घायलों और युद्ध कैदियों की देखभाल के लिए एक अन्तर्राष्ट्रीय एजेन्सी है।

• इसकी नींव हेनरी डूनांट के द्वारा 1863 ई. में डाली गई थी।

• यह शान्ति के समय में भी प्राकृतिक प्रकोपों के शिकार हुए लोगों के कष्ट दूर करने के लिए कार्य करती है।

• मुख्यालय : जेनेवा (स्विट्जरलैंड)

• 1917, 1944 और 1963 में शांति का नोबेल पुरस्कार

आसियान (ASEAN)

• यह एसोसिएशन ऑफ साउथ-ईस्ट एशियन नेशंस का संक्षिप्त रूप है।

• इसके सदस्यों में निम्नलिखित देश शामिल हैं थाईलैण्ड, मलेशिया, इण्डोनेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, वियतनाम, ब्रुनेई, लाओस, म्यांमार एवं कम्बोडिया।

• इसकी स्थापना 1967 ई० में की गई थी। इसका सचिवालय जकार्ता (इण्डोनेशिया) में है।

• सदस्यों की संख्या – 10

एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International)

• यह मानव अधिकारों से सम्बद्ध एक विश्वव्यापी संगठन है जिसका मुख्यालय लन्दन (ब्रिटेन) में है।

• इस संगठन की शुरुआत एक ब्रिटिश वकील द्वारा 28 मई, 1961 को की गई।

• वर्तमान में दुनिया के 150 देशों में इसके पाँच लाख से अधिक सदस्य हैं।

• सन् 1977 में इसे नोबल शान्ति पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।

एपेक (APEC) ‘एशिया-प्रशान्त आर्थिक सहयोग संगठन’

• स्थापना 1989, मुख्यालय : सिंगापुर,

सदस्य संख्या: 21

• उद्देश्य : एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में मुक्त एवं अबाध्य व्यापार का विकास करना, उदारीकरण तथा विनियोजन सुविधाओं को प्रोत्साहित करना, सदस्यों के मध्य आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाना।

जी-8 (Group-8)

• स्थापना – 1975 को न्यूयॉर्क (USA) में की गई।

सदस्य : कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा रूस।

• जी-8 ऐसे राष्ट्रों का समूह है जिसका गठन बाजार अर्थव्यवस्था (Free market) वाले अमीर औद्योगिकी देशों की सदस्यता से हुआ है।

• ये राष्ट्र नियमित रूप से शिखर सम्मेलनों के माध्यम से मिलते हैं और आर्थिक नीतियों एवं अन्य मुद्दों पर सामंजस्यपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हैं।

जी-8 ने ‘समूह-5’ के दायित्वों एवं कार्यों के भार को अपने ऊपर ले लिया है।

रूस को जी-8 से अभी निलंबित रखा गया है।

डी-8 (Developing-8)- ‘डेवलपिंग-8 ‘

• स्थापना : जून 1997 में इस्तांबुल में ‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक काँफ्रेंस’ (OIC) के आठ बड़ी जनसंख्या वाले देशों ने किया था। इसमें शामिल देशों में तुर्की, ईरान, इण्डोनेशिया, मलेशिया, नाइजीरिया, मिस्र, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश शामिल हैं जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 80 करोड़ तथा विश्व व्यापार में संयुक्त भागीदारी लगभग 4 प्रतिशत है।

सदस्य संख्या – 8

आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD)

स्थापना 1961 ई. मुख्यालय पेरिस (फ्रांस)

• सदस्य : 34– ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आइसलैण्ड, आयरिश गणराज्य, इटली, लक्जेमवर्ग, नीदरलैण्ड, नावें, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैण्ड, तुर्की, ब्रिटेन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चेक गणराज्य, फिनलैण्ड, हंगरी, जापान, कोरिया (गणराज्य), मेक्सिको, न्यूजीलैण्ड, नार्वे, पोलैण्ड आदि।

• मुख्यालय : 2, रूई आंद्रे पास्कन, पेरिस (फ्रांस) 75775

• उद्देश्य: सदस्य देशों के बीच आर्थिक सामाजिक कल्याण नीतियों का समन्वय करना और सदस्य देशों को विकासशील देशों के कल्याण के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने हेतु प्रेरित करना ।

इण्टरपोल (INTERPOL)

• यह ‘इण्टरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन’ का शब्द संक्षेप है।

• इसकी स्थापना 1923 ई. में हुई ।

• इससे विश्व के लगभग 190 देश सम्बद्धित हैं।

• इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय अपराधों के विरुद्ध कार्य करना है।

• इसका मुख्यालय ल्योन (Lyon) (फ्रांस) में है।

जी-15 (G-15)

• यह विश्व के 17 विकासशील देशों का एक संगठन है।

• इसकी स्थापना बेलग्रेड (पूर्व युगोस्लाविया) में 1 सितम्बर, 1989 को हुई।

इसका प्रथम शिखर सम्मेलन 2 जून, 1990 को कुआलालम्पुर में हुआ।

‘ग्रुप ऑफ फिफ्टीन अथवा ‘जी-15’ नामक इस संगठन के सदस्य राष्ट्र हैं- ब्राजील, मिस्र, जमैका, मेक्सिको, मलेशिया, अल्जीरिया, अर्जेन्टीना, इण्डोनेशिया, नाइजीरिया, सेनेगल, वेनेजुएला, जिम्बाब्वे भारत, चिली, ईरान।

केन्या 1998 में इसका सदस्य बना तथा श्रीलंका इसका नवीनतम सदस्य है।

जी-77 (G-77)

• यह 134 विकासशील देशों का समूह है।

• इसे जी-77 भी कहा जाता है, क्योंकि इसके गठन के समय संस्थापक सदस्यों की संख्या 77 थी।

• इसकी स्थापना वर्ष 1964 में हुई।

• मुख्यालय – जेनेवा

नाटो (NATO)

• पूरा नाम – नॉर्थ एटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन

(उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) ।

● स्थापना – 4 अप्रैल, 1949 ई० में वाशिंगटन (अमेरिका) में हुई।

• सदस्य – बेल्जियम, फ्रांस, लक्जेमबर्ग, ब्रिटेन, नीदरलैण्ड, कनाडा, डेनमार्क, आइसलैण्ड, इटली, नार्वे, पुर्तगाल, सं० रा० अमेरिका, स्पेन, पोलैंड, हंगरी, चेक गणराज्य, यूनान, तुर्की एवं जर्मनी।

• सदस्यों की संख्या – 28

• उद्देश्य सदस्य देशों के पारस्परिक सामरिक सहयोग से सोवियत विस्तारवाद को रोकना था। किन्तु सोवियत संघ के विघटन के बाद इसके (नाटो का) मुख्य उद्देश्य का स्वरूप ‘पार्टनरशिप फॉर पीस’ हो गया है। इसके अंतर्गत पूर्वी यूरोप के देशों को भी नाटो की छत्रछाया में लाना है। इस संबंध में मई 27, 1997 को रूस ने एक संधि पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

• मुख्यालय – ब्रूसेल्स (बेल्जियम)

एशियाई विकास बैंक (ADB Asian Development Bank)

• इसका पहला प्रायोजन इकाफे (एशिया तथा सुदूर पूर्व के लिए आर्थिक परिषद्) ने किया था और इसका कार्य 1966 ई. में प्रारंभ हुआ था।

• इस बैंक के 67 देश सदस्य हैं।

● जून 1974 में ए. डी० बी० ने एशियाई विकास निधि (ए० डी० एफ०) जारी किया।

• इसका उद्देश्य जरूरतमंद देशों को रियायती दर पर उधार देना है।

मुख्यालय : मनीला (फिलीपींस)

कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS)

• सोवियत संघ के बिखरने के बाद यह संघ बनाया गया।

स्थापना – 1991 ई., सदस्य- 12

• कॉमनवेल्थ की नीतियाँ राज्य परिषद प्रमुख और सरकार प्रमुख परिषद द्वारा तय की जाती हैं।

• CIS का मुख्यालय बेलारूस के मिन्स्क में है।

ब्रिक्स (BRICS)

ब्राजील, रूस, भारत एवं चीन के एक नए आर्थिक संगठन ब्रिक (BRIC) की स्थापना वर्ष 2009 में की गईं।

• इसका प्रथम शिखर सम्मेलन 16 जून, 2009 येकेटरिनबर्ग (रूस) में हुआ।

15 अप्रैल, 2010 में ब्राजीलिया में हुए इसके दूसरे सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका को इसके सदस्यता प्रदान करने की सहमती बनी।

• दक्षिण अफ्रीका में शामिल होने के बाद इसका नाम ब्रिक्स (BRICS-Brazil, Russia, India, China and South Africa) हो गया।

शुरुआती छः वर्षों तक इसकी अध्यक्षता भारत के पास रहेगी।

• तदुपरांत क्रमश: ब्राजील एवं रूस 5-5 वर्ष के लिए अध्यक्ष होंगे।

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (OAS)

● अमेरिकी राज्यों का संगठन 1948 में बोगोटा, कोलम्बिया में आयोजित अमेरिकी राज्यों के नांवे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ओर ए एस. का घोषणा पत्र अनुमोदित हुआ।

35 अमेरिकी देश इसके सदस्य हैं।

● सबके अधिकार बराबर हैं और प्रत्येक का एक मताधिकार है।

मुख्यालय : वाशिंगटन डी सी (USA) ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अरब पेट्रोलियम एक्सपोटिंग कंट्रीज (OPEC)

• इसकी स्थापना वर्ष 1960 में की गई।

● सदस्य देशों की संख्या 12 है।

● मिस्र को 1989 ई. में दुबारा इसकी सदस्यता दी गई।

सदस्य देश- इरान, वेनेजुएला, नाइजीरिया, इक्वाडोर, अंगोला, अल्जीरिया, कतर, लीबिया, इराक, कुवैत, यू.ए.ई. और सऊदी अरब हैं।

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी (OAU); अफ्रीकी एकता संगठन

मई 1963 में स्थापित हुआ।

• इसके संस्थापक 30 अफ्रीकी राष्ट्राध्यक्ष थे जिन्होंने अदिस अबाबा में एकत्र होकर एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए जिसने सभी अफ्रीकी देशों के लिए समेकित स्वर उठाने का एक मंच प्रदान किया।

• संगठन के सदस्यों की संख्या 53 है।

मुख्यालय : अफ्रीकी एकत्ता भवन, अदिस अबाबा, इथीयोपिया

यूरोपियन संघ (EU)

• स्थापना – 1 जनवरी, 1958 सदस्यों की संख्या 28

1 जनवरी, 1994 को स्वतंत्र यूरोपीय मुद्रा संस्थान की स्थापना की गयी।

• मुख्यालय – स्टेसवर्ग (फ्रांस)

• इसका उद्देश्य यूरोप की सुरक्षा, आर्थिक, सामाजिक मसलों पर विचार करना था।

● यूरोपीय आर्थिक समुदाय का मुख्यालय जेनेवा है।

• ई. यू. विश्व का सबसे बड़ा और सर्वाधिक समृद्धि का क्षेत्र बन चुका है।

• इसकी कुल जनसंख्या 320 मिलियन है।

यूरेटम

● यूरोपीय परमाणु ऊर्जा समुदाय की स्थापना 1957 ई. में रोम में उन छः राष्ट्रों द्वारा हस्ताक्षर युक्त एक संधि के अनुसार हुई थी जो ई. सी. एस. सी. और ई. ई. सी. के संस्थापक थे।

● ई. ई. सी. की संस्थाओं द्वारा ही यूरेटम के कार्यों का नियंत्रण होता है।

• यूरेटम का उद्देश्य शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए नाभिकीय ऊर्जा का विकास करना है।

मुख्यालय ब्रूसेल्स (बेल्जियम)

● सदस्य – 28

■ इस्लामिक सम्मेलन संगठन

• इसकी स्थापना 1971 ई. में की गई।

• इसका मुख्यालय जेद्दाह (सउदी अरब) में है।

• इसका उद्देश्य इस्लामी एकता, राष्ट्रीय विकास के अन्य क्षेत्रों में सहयोग और विश्व शान्ति में योगदान देना था।

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