क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है – christmas day kyon manaaya jata hai

क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है –  christmas day kyon manaaya jaata hai

 क्रिसमस डे ईसाइयों का प्रसिद्ध त्योहार है या हर साल 25 दिसंबर को पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है। क्रिसमस का त्योहार ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। लेकिन इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि ईसा मसीह का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था। या फिर ईसाई हो यानि क्रिसमस उनका सबसे बड़ा और खुशी का त्योहार है। इसे बड़ा दिन भी कहा जाता है। इसलिए क्रिसमस भी मनाया जाता है। क्योंकि 22 दिसंबर को बहुत ठंड पड़ती है। और 25 दिसंबर तक ठंड कम होने लगती है। और जो दिन अब छोटा होता दिख रहा है। पहले लेकिन दिन भी लंबा होता दिख रहा है। 25 दिसंबर के बाद अब यह बड़ा होने लगा है। क्या आप जानते हैं कि 21 मार्च और 23 सितंबर को रात और दिन बराबर होते हैं और 22 दिसंबर को सबसे छोटा दिन होता है। यानी यह सबसे लंबी रात होती है। और यह सबसे छोटा दिन है। 22 दिसंबर 23 दिसंबर से धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और 25 दिसंबर को ईसाई, अंग्रेज, अन्य लोग क्रिसमस दिवस मानते हैं।
क्रिसमस पर्व की तैयारियां पहले से ही शुरू हो जाती हैं। यानी क्रिसमस के एक-दो दिन पहले से ही घरों की साफ-सफाई की जाती है और ईसाई अपने घर को अच्छे से सजाते हैं. नए कपड़े खरीदे जाते हैं। क्रिसमस के दिन ईसाई तरह-तरह के पकवान बनाते हैं। बाजारों की रौनक दिनों दिन बढ़ती ही जाती है। घर के बाजार रंगीन हो जाते हैं और इस दिन और चर्च घरों में विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं। कैथेड्रल चर्च में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं। और जगह-जगह प्रभु यीशु मसीह की झांकी पेश की जाती है। इस दिन घर के आंगन में क्रिसमस ट्री भी लगाया जाता है। क्रिसमस के दिन केक का बहुत महत्व होता है। इस दिन लोग एक दूसरे को केक खिलाकर बधाई देते हैं। और सांता क्लॉज उपहार देता है।
 

मैरी क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है?

यीशु के जन्मदिन के मौके पर ये खास त्यौहार होता है, जिसमें सैंटा क्लाॅज बच्चों के लिए गिफ्ट लेकर आते हैं। लोग इस मौके पर एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। आपस में आप एक दूसरे को मैरी क्रिसमस के मैसेज भेजते हैं। सांता क्लॉज़जो हमेशा लाल कपड़े पहने रहता है और क्रिसमस पर बच्चों को उपहार देने के लिए अपने लावा पर बैठा आता है आज सांता क्लॉज के बिना क्रिसमस दिवस की कल्पना करें, सब कुछ अधूरा है। सांता क्लॉस के बारे में कई कहानियां सांता क्लॉज़ बहुत से लोग मानते हैं कि चौथी शताब्दी में तुर्की में मीरा शहर मीरा शहर का केंद्र था, वह असली सांता था, संत हमेशा गरीबों को देते थे, उस समय लोगों में बहुत सम्मान था, उसी से उस समय सांता क्लॉज की अवधारणा शुरू हुई।

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