रुपये का इतिहास

रुपये का इतिहास

भारत विश्व की उन प्रथम सभ्यताओं में से है जहां सिक्कों का प्रचलन शुरू हुआ

India is one of the first civilizations in the world where coins started circulating.

लगभग 6 वी सदी ईसा पूर्व शब्द का अर्थ शब्द रूपा से जोड़ा जा सकता है जिसका अर्थ होता है चांदी

Around 6th century BC the meaning of the word can be linked to the word Rupa which means silver.

रुपये का इतिहास

संस्कृत में रूप्यआयाम का चांदी का सिक्का

Rupayam silver coin in Sanskrit

रूपये शब्द सन 1540 से 1545 के बीच शेरशाह सूरी ने जारी किया गया चांदी के सिक्के के लिए उपयोग में लाया गया

The word rupee was used for silver coins issued by Sher Shah Suri between 1540 and 1545.

रुपये का इतिहास

मूल रुपए चांदी का सिक्का होता था जिसका वजन11.34 ग्राम होता था

The original rupee was a silver coin weighing 11.34 grams.

यह सिक्का सिर्फ ब्रिटिश भारत की शासन काल में भी उपयोग में लाया जाता रहा

This coin was also used only during the rule of British India.

20 वी सदी में फारस की खाड़ी के देशों तथा मुल्कों में भारतीय रुपया मुद्रा के तौर पर प्रचलित थी

In the 20th century, the Indian rupee was used as a currency in the countries and countries of the Persian Gulf.

सोने की तस्करी को रोकने तथा भारतीय मुद्रा के बाहर प्रयोग को रोकने के लिए मई 1959 में भारतीय रिजर्व बैंक ने गल्फ रूपी का विपणन किया

In May 1959, the Reserve Bank of India marketed the gold form to prevent smuggling of gold and use outside the Indian currency.

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