पुनर्जागरण-पुनर्जागरण की विशेषता-भारतीय पुनर्जागरण-पुनर्जागरण का निष्कर्ष-पुनर्जागरण के प्रभाव-आविष्कारों का प्रभाव

पुनर्जागरण /Renaissance

 

पुनर्जागरण
पुनर्जागरण

पुनर्जागरण का अर्थ Meaning of renaissance

 पुनजागरण का शाब्दिक अर्थ पुनर्जन्म होता है। यह फ्रेंच भाषा के शब्द ‘रिनेसाँ’ (Renaissance) का हिन्दी रूपान्तरण है।

 Renaissance literally means rebirth. It is a Hindi translation of the French word ‘Renaissance’.

 

 विश्व इतिहास में पुनर्जागरण से तात्पर्य 1300 से इस 1500 ई. में, यूरोप में साहित्य, कला व विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति से है।

Renaissance in world history refers to the progress made in the field of literature, art and science in Europe from 1300 to 1500 AD.

 

 पुनर्जागरण  को मध्यकालीन पुराने विचारों के विरुद्ध एक सांस्कृतिक व अहिंसक क्रान्ति भी माना ।
यूरोप में पुनर्जागरण के कारण जा सकता है।

 

Renaissance was also considered as a cultural and non-violent revolution against medieval old ideas.
May be due to renaissance in Europe.

 

इसके फलस्वरूप यूरोप में राज्य, राजनीति, धर्म, न्याय आदि के क्षेत्र में भी बहुत परिवर्तन हुआ।

 

As a result, there was a lot of change in the field of state, politics, religion, justice etc. in Europe.

 

 पुनर्जागरण की सर्वप्रथम शुरूआत इटली में हुई थी। यही कारण है कि इटली को पुनर्जागरण की  जन्मभूमि कहा जाता है। पेट्रार्क को पुनर्जागरण का प्रवर्तक तथा गुटेनबर्ग को पुनर्जागरण का पिता माना जाता है।

 

The Renaissance first began in Italy. This is why Italy is called the birthplace of the Renaissance. Petrarch is considered the originator of the Renaissance and Gutenberg the father of the Renaissance.

 

1. व्यापार का उदय पुनर्जागरण का सबसे बड़ा कारण व्यापार का उदय था जिसके कारण यूरोप के व्यापारियों के धन में वृद्धि हुई उन्होंने अपने धन का प्रयोग साहित्यकारों व कलाकारों को उत्साह प्रदान करने में किया जिससे वहां विद्या और ज्ञान की प्रगति हुई

 

1. Rise of trade The biggest reason for the renaissance was the rise of trade, which increased the wealth of the merchants of Europe, they used their wealth to encourage literature and artists, which led to the advancement of learning and knowledge there.

 

यात्रा तथा व्यापार करते समय लोगों में पारस्परिक वार्ता और विचारों का आदान-प्रदान हुआ, इस का भावना का विकास हुआ।

While traveling and doing business, there was a mutual dialogue and exchange of ideas among people, this developed a feeling.

 

जिससे लोगों में पुनर्जागरण की भावना का विकास हुआ ज्ञान की वृद्धि के कारण लोगों में तार्किक वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न हुआ जिसके कारण वे लोग प्राचीन रूढ़िवादी प्रथाओं की आलोचना करने लगे

Due to the growth of knowledge, a logical scientific outlook was generated in the people, which led them to criticize the ancient orthodox practices.

2. धर्मयुद्धों का प्रभाव  2. Effect of Crusades

मध्यकाल में तुर्को एवं ईसाइयों के बीच इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार और ईसाई धर्म का सुरक्षा कारण अनक धर्मयुद्ध हुए।

In the medieval period, there were many crusades between the Turks and Christians because of the spread of Islam and the protection of Christianity.

इसका परिणाम यह हुआ कि ईसाई संस्कृति एवं सभ्यता बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुई। अत: इसाई सस्कृति के पुनरुत्थान हेतु यूरोप में पुनर्जागरण के लिए पृष्ठभूमि तैयार होने लगी। साथ ही इन युद्धों के कारण यूरोपवासी अन्य देशों की सभ्यता व संस्कृति के समर्थन में आए व उनमें नए विचारों का जन्म हुआ। 

As a result, Christian culture and civilization were largely damaged. Thus the background for the renaissance in Europe began to be set for the revival of Christian culture. Also, because of these wars, Europeans came in support of the civilization and culture of other countries and new ideas were born in them.

3. धर्म के प्रति नवीन विचारधाराओं का उदय 3. Rise of new ideologies towards religion

ज्ञान  की प्रगति के कारण यूरोपवासियों में ताकिक व वज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न हुआ, जिसके कारण वे धार्मिक अन्धविश्वासों व रूढ़िवादी प्रथाओं का विरोध करने लगे व उन्हें इनसे मुक्ति मिला।

Due to the advancement of knowledge, European people came up with a logical and scientific view, due to which they started opposing religious superstitions and orthodox practices and got liberation from them.

 अब धर्म के क्षेत्र में नए विचारों का विकास होने लगा। इन नए विचारों एवं मान्यताओं के फलस्वरूप ही धार्मिक क्षेत्र में पुनर्जागरण का उदय हुआ। 

Now new ideas started developing in the field of religion. These new ideas and beliefs led to the rise of the Renaissance in the religious field.

4. सामन्तवादी प्रथा का प्रभाव 4. Effect of feudalism

तत्कालीन राजकीय प्रबन्धन व्यवस्था से जनता काफी आहत हो चुकी थी, क्योंकि सामन्तवादी। 

The public was greatly hurt by the then state management system, because the feudalists.

प्रथा के कारण जनता काफी शोषित हो रही थी एवं सामन्तवाद के शोषण से मुक्ति पाने हेतु किसानों एवं मजदूरों ने पुनर्जागरण के उदय में महत्त्वपूर्ण कारक के रूप में योगदान दिया।

Due to the practice, the people were getting greatly exploited and to get rid of the exploitation of feudalism, farmers and laborers contributed as an important factor in the rise of the Renaissance.

5. कुस्तुनतुनिया का पतन 5. Fall of Kustuntunia

1469 ई. में तुकों ने पूर्वी रोमन साम्राज्य की राजधानी कुस्तुनतुनिया पर अधिकार कर लिया। फलत: वहाँ मौजूद बहुत से लेखक, वैज्ञानिक, दार्शनिक, कलाकार इटली, फ्रांस तथा जर्मनी की तरफ पलायन कर गए और अपने साथ वे प्राचीन यूनानी एवं रोमन ज्ञान-विज्ञान और चिन्तन पद्धति को भी ले गए।

In 1469 AD, the Tuks captured Kustuntunia, the capital of the Eastern Roman Empire. As a result, many writers, scientists, philosophers, artists present there migrated to Italy, France and Germany and took with them ancient Greek and Roman knowledge and thinking systems.

यूनानी विद्वानों व यरोपवासियों के इस सम्पर्क के कारण, यूरोप में बौद्धिक जाग्रति हई तथा नवीन विचारों, भावनाओं तथा मान्यताओं के उदय से पुनर्जागरण का प्रारम्भ हुआ

Because of this contact between Greek scholars and Europeans, there was an intellectual awakening in Europe and the rise of new ideas, feelings and beliefs of the Renaissance Has started

6. नवीन भौगोलिक क्षेत्रों की खोज 6. Discovering new geographic areas

कुस्तुनतुनिया, यूरोप तथा पूर्वी देशों को जोड़ने वाली कड़ी था और इस पर ऑटोमन तुर्कों का अधिकार हो जाने से यूरोपीय व्यापारियों के लिए यह मार्ग अवरुद्ध हो गया। नवीन व्यापारिक मार्गों की खोज आवश्यक हो गई। इस नई परिस्थिति के कारण अनेक समुद्री मार्गों की खोज हुई।

Kustuntunia was the link connecting Europe and the eastern countries, and the passage of the Ottoman Turks over it blocked the route for European traders. The discovery of new trade routes became necessary. This new situation led to the discovery of many sea routes.

केप ऑफ गुड होप भी इन्हीं समुद्री मार्गों में से एक था, जिसके सहारे यूरोपीय राष्ट्रों ने भारत में प्रवेश किया। यूरोपीय नाविकों द्वारा नए क्षेत्रों की खोज एवं नए क्षेत्रों की संस्कृति एवं सभ्यताओं के मिलन ने पुनर्जागरण के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया।

The Cape of Good Hope was also one of these sea routes, through which European nations entered India. The discovery of new territories by European sailors and the union of culture and civilizations of new regions played an important role in the development of the Renaissance.

7. छापेखानों का प्रभाव 7. Impact of Raids

जर्मनी के गुटेनबर्ग ने 1465 ई. में छापेखाने का आविष्कार किया। विलियम कैक्सटन ने 1476 ई. में इंग्लैण्ड में पहला छापाखाना स्थापित किया,

Gutenberg of Germany raided in 1465 AD Invented. William Caxton established the first raid in England in 1476 AD,

छापेखानों के आविष्कार के कारण पुस्तकों की संख्या में बहुत अधिक प्रगति हुई,

The invention of raids led to a lot of progress in the number of books,

जिसके कारण सामान्य जनता में पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान की वृद्धि हुई व उनकी तर्कशक्ति का विकास हुआ, जिसके फलस्वरूप यूरोप में नवीन विचारों का उदय व पुनर्जागरण का प्रारम्भ हुआ।

Due to which the knowledge of the general public increased through books and their reasoning developed, due to which the rise of new ideas and renaissance started in Europe.

आविष्कारों का प्रभाव Effect of inventions

न्यूटन, गैलीलियो, रोजर बेकन तथा कॉपरनिकस जैसे वैज्ञानिकों के नवीन आविष्कारों ने विज्ञान के क्षेत्र में क्रान्ति का प्रचार किया।

The innovators of scientists like Newton, Galileo, Roger Bacon and Copernicus propagated revolution in the field of science.

इन आविष्कारों के कारण प्राचीन निरर्थक मान्यताओं का अन्त होने लगा व लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न हुआ। इस प्रकार आविष्कारों का पुनर्जागरण के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।

Due to these inventions, the ancient fruitless beliefs started coming to an end and scientific outlook was generated in the people. Thus, inventions contributed significantly to the development of the Renaissance.

8.कलाओं का प्रभाव 8. Effect of Arts

कला के प्रत्येक क्षेत्र: जैसे-चित्रकला, मूर्तिकला, संगीतकला तथा स्थापत्यकला में निरन्तर उपयोगी विकास एवं परिवर्तन हुए।

Every field of art: such as painting, sculpture, music, and architecture, continued to have useful developments and changes.

राफेल माइकल एन्जिलो और लियोनार्डो द विंची इस काल के प्रमुख कलाकारों में से थे।

Rafael Michael Angelo and Leonardo The Vinci were among the leading artists of the period.

पुनर्जागरण काल के चित्रकारों ने मुख्यतः ईसा और मरियम से सम्बद्ध विषय-वस्तु को ही चित्रित किया, लेकिन उन चित्रों का प्रस्तुतीकरण मानवीय और लौकिक था।

Renaissance painters mainly depicted themes related to Jesus and Mary, but the presentation of those paintings was human and temporal.

इससे लोगों में इस भावना का विकास हुआ कि उन्हें भी उचित सम्मान मिलना चाहिए। अत: अब लोग धर्म और ईश्वर के स्थान पर मानव-मात्र के प्रति आस्थावान हो उठे।

This led to the development of a feeling among the people that they too should be respected. Therefore, now people have become loyal to human beings in place of religion and God.

इस प्रकार उनमें एक नए दृष्टिकोण का प्रादुर्भाव हुआ। इस प्रक्रिया ने यूरोप में पुनर्जागरण की प्रक्रिया को तीव्र करने में मुख्य भूमिका का निर्वाह किया।

Thus a new approach emerged in them. This process played a major role in accelerating the process of Renaissance in Europe.

9. भाषा व साहित्य के क्षेत्र में परिवर्तन 9. Changes in the field of language and literature

मध्यकाल में यूरोप की भाषा लैटिन थी, इस काल में अंग्रेजी में भी कुछ प्रसिद्ध पुस्तकें बनीं; जैसेद कैण्टरबरी टेल्स तथा डिवाइन कॉमेडी आदि।

The language of Europe in the medieval period was Latin, in this period some famous books were also made in English; Like Canterbury Tales and Divine Comedy etc.

इन कृतियों के प्रकाशन ने यूरोप में पुनर्जागरण को प्रोत्साहित किया और इसी काल में मार्टिन लूथर ने चर्च के विरुद्ध ग्रन्थ लिखे।

The publication of these works encouraged the Renaissance in Europe, and during this period Martin Luther wrote books against the Church.

पुनर्जागरण की विशेषता   Renaissance features

पुनर्जागरण की विशेषताएँ  Renaissance features
पुनर्जागरण की विशेषताएँ  Renaissance features

1तर्कशीलता की प्रमुखता पुनर्जागरण काल में प्रत्येक की तर्क की कसौटी पर परखा जाता था। रूढ़िवादिता का स्थान तर्की लिया। मध्यकाल में प्रचलित धार्मिक परम्पराओं, आर अन्धविश्वासों से बंधे चिन्तन को तर्क के आधार पर खण्डित लगा, जिससे नवीन मान्यताओं को बढ़ावा मिला। अरस्तू द्वारा रचित

1. The prominence of reasoning In the Renaissance period, the test of reasoning of each was tested. Turkey replaced conservatism. Thinking of religious traditions prevalent in the medieval period, and tied to superstitions, was divided on the basis of logic, which encouraged new beliefs. Composed by Aristotle

तर्कशास्त्र ने इस दिशा में महत्त्वपूर्ण कार्य किया। इसके विभिन्न विश्वविद्यालयों; जैसे-पेरिस, बोलोने, ऑक्सफोर्ड इत्यादि में तर्कशास्त्र को पढ़ाए जाने से तर्क की विचारधारा का बढ़ने लगा।

Logic did important work in this direction. Its various universities; As the teaching of logic in Paris, Bologne, Oxford, etc., the ideology of logic began to grow.

2. प्रयोगधर्मिता को बढ़ावा 2. Promote experimentism

पुनर्जागरण काल में प्रयोग को महत्त्व दिया जाता था। शिक्षा के प्रसार ने प्रयोग को प्रोत्साहित किया। प्रयोग के इस काल में अनेक आविष्कार किए गए।

Use was given importance in the Renaissance period. The spread of education encouraged experimentation. Many inventions were made during this period of experimentation.

रोजर बेकन प्रयोगात्मक प्रणाली का अग्रदूत था। इसके अनुसार तब तक सन्तुष्टि नहीं होती का निर्वाह किया। तक प्रयोग द्वारा सत्य की प्राप्ति नहीं हो जाती।

Roger Bacon was the precursor to the experimental system. According to this, there is no satisfaction till then. Till the experiment does not get the truth.

3. मानववाद एवं सामाजिक समस्याओं को महत्त्व 3. Importance of humanism and social problems

पुनर्जागरण काल में मानववाद को महत्त्व दिया गया। मानववाद को परिभाषित करने हुए अनेक विद्वानों ने कहा है कि मानववाद का अर्थ होता है-मनुष्य में रुचि लेना, उनकी समस्याओं का अध्ययन करना, मानव जीवन के महत्त्व को स्वीकार करना तथा जीवन को समृद्ध बनाने का प्रयास करना

Humanism was given importance in the Renaissance period. Many scholars who have defined humanism have said that humanism means to take interest in human beings, to study their problems, to accept the importance of human life and to try to enrich life.

मानववाद को महत्त्व दिए जाने के कारण ही इस काल में परलोक (Next world) की अपेक्षा इहलोक (This world) को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा।

Because of the importance given to humanism, in this period Ihlok (this world) started giving more importance than the next world.

मानववादियों का प्रमुख लक्ष्य इहलोक को स्वर्ग सरीखा बनाने पर रहा। मानववाद एक तरह से पुनर्जागरण का स्रोत एवं परिणाम दोनों था। पेट्रार्क अग्रणी मानववादी था, उसने अन्धविश्वासों तथा धर्माधिकारियों की जीवन प्रणाली की आलोचना की।

The main goal of the humanists was to make Ihloka like heaven. In a way, humanism was both the source and result of the Renaissance. Petrarch was a leading humanist, criticized superstitions and the system of life of the righteous.

4. सौन्दर्य की उपासना 4. Worship of Beauty

सौन्दर्य की उपासना पुनर्जागरण की एक प्रमुख विशेषता थी।

The worship of beauty was a major feature of the Renaissance.

इस काल में कलाकारों के द्वारा स्वच्छन्द रूप से मनुष्य के मनोभावों को अपनी कृतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया।

In this period, the emotions of humans were freely expressed by artists through their creations.

इसका कारण था कि सौन्दर्य की उपासना में न भौतिक दबाव था और न ही मानसिक दबाव।

The reason for this was that there was neither physical pressure nor mental pressure in the worship of beauty.

5. लोक भाषाओं को महत्त्व 5. Importance of folk languages

पुनर्जागरण काल में विद्वानों ने लैटिन तथा यनानी भाषाओं के स्थान पर लोक भाषाओं का अधिक महत्त्व देना काना प्रारम्भ किया।

In the Renaissance period, scholars began to give more importance to folk languages ​​than Latin and Yannese languages.

इससे वे अपनी बातों को जनसामान्य तक पहुँचाने में | काफी हद तक सफल रहे।

With this, he helped to convey his words to the general public. Were largely successful.

पुनर्जागरण के प्रभाव Renaissance effects

पुनर्जागरण के प्रभाव Renaissance effects
पुनर्जागरण के प्रभाव Renaissance effects

पुनर्जागरण के परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों पर निम्नलिखित प्रभाव पड़े

The Renaissance resulted in the following effects on various regions.

1. वाणिज्य एवं व्यापार पर प्रभाव 1. Impact on Commerce and Trade

पुनर्जागरण के कारण अनेक यूरोपीय नाविको ने नए गए देशों के साथ-साथ कई समुद्री मागों की भी खोज की। इसका परिणाम यह हुआ कि व्यापार में असाधारण वृद्धि हुई।

Due to the Renaissance, many European seafarers also discovered many new routes along with the newly arrived countries. The result was an extraordinary growth in trade.

यूरोप के कई राष्ट्रों ने अपने उपनिवेश बसाये और उन्हें अपना व्यापारिक केन्द्र बनाया। इन्होंने अपनी वस्तुओं की बिक्री हेतु नए व्यापारिक केन्द्र को स्थापित किया।

Many nations of Europe settled their colonies and made them their trading centers. He established a new trading center for the sale of his goods.

यूरोप में नए नए नगरों तथा औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हुआ। इस प्रकार पुनर्जागरण के कारण बाणिज्य एवं व्यापार की काफी उन्नति हई।

New new cities and industrial areas developed in Europe. Thus, due to the renaissance, there was a lot of progress in commerce and trade.

इसी काल में यूरोपीय व्यापारी जेरूसलम एवं एशिया माइनर के तटों पर बसने लगे।

European traders began to settle on the shores of Jerusalem and Asia Minor during this period.

व्यापारिक सम्बन्धों के कारण वेनिस, मिलान, पलोरेस जैसे अन्तर्राष्ट्रीय शहरों का जन्म हुआ। पुनर्जागरण ने यूरोप में वाणिज्यवाद को जन्म दिया।

International relations such as Venice, Milan, Palores were born due to trade relations. The Renaissance gave rise to commercialism in Europe.

2. साहित्य के क्षेत्र में प्रभाव 2. Influence in the field of literature

मध्यकाल में मुशिक्षित लोगों की भाषा लैटिन थी, जो सामान्य व्यक्ति की समझ से बाहर थी। पनर्जागरण काल में लैटिन का अध्ययन तो बता ही, साथ ही इटालवी, फ्रेन्च, स्पेनिश आदि भाषाओं में भी साहित्य का सृजन होने लगा।

In the medieval period the language of the illiterate people was Latin, Which was beyond the comprehension of the normal person. During the Panjaragana period, the study of Latin was also told, as well as literature started to be created in the languages ​​of Italvi, French, Spanish etc.

मध्यकाल में केवल पार्मिक विषयों से सम्बन्धित साहित्य लिखे गए। पुनर्जागरण काल में धर्म के स्थान पर मनुष्य के महत्व को स्वीकार करते हुए साहित्यकारों ने मानव जीवन को केन्द्रविन्दु बनाया। इस तरह साहित्य धर्म की चहारदीवारी से मुक्त होकर सामान्यजन तक पहुंचा।

In the medieval period only literature related to religious subjects was written. Recognizing the importance of man in place of religion in the Renaissance period, litterateurs made human life the focal point. In this way, literature was released from the boundary of religion and reached the common man.

3. कला के क्षेत्र में प्रभाव 3. Impact in the field of art

पुनर्जागरण काल में कला के क्षेत्र में इतनी अधिक उन्नति हुई कि अनेक विद्वान् इसे यूरोपीय कला-कौशल का स्वर्ण युग मानते हैं। मध्यकाल में कला धर्म के हाथों की कठपुतली थी। धर्म द्वारा प्रतिपादित विषय को प्रकट करना ही कलाकारों का उद्देश्य था।

There was so much advancement in the field of art in the Renaissance period that many scholars consider it a golden age of European art skills. Art was a puppet in the hands of religion in the medieval period. The aim of the artists was to reveal the theme propounded by religion.

चित्रकारों के लिए रंग निश्चित थे और उनके नियमों को तोड़ना धर्म के विरुद्ध समझा जाता था। सन्तों की गर्दन सदैव लम्बी बनाई जाती थी, जिसका उद्देश्य यह प्रकट करना था कि वे मानो अपने सद्गुणों से स्वर्ग की ओर खिंच रहे हों। पुनर्जागरण ने कला को धर्म के पजे से मुक्त करके कला में मौलिकता, सौन्दर्य, सजीवता का समावेशन किया।

Colors were certain for painters and breaking their rules was considered against religion. The neck of saints was always made long, the purpose of which was to make it appear as if they were drawn to heaven with their virtues. Renaissance freed art from the clutches of religion and incorporated originality, beauty, liveliness into art.

इस युग की कला का उद्देश्य जीवन एवं प्रकृति से तारतम्य स्थापित करना था। स्थापत्यकला के अन्तर्गत सेण्ट पोटर गिरजाघर (रोम), सेण्ट पॉल गिरजाघर (लन्दन), सेण्ट मार्क गिरजाघर (वेनिस), स्पेन का राजमहल (स्पेन), हीडलबर्ग का किला (जर्मनी) आदि का निर्माण हुआ। इससे स्थापत्यकला के उत्कृष्ट रूप का प्रदर्शन सम्भव हो पाया

The purpose of the art of this era was to establish connection with life and nature. Architecture of St. Potter’s Church (Rome), St. Paul’s Church (London), St. Mark’s Church (Venice), Spain’s Palace (Spain), Heidelberg’s Fort (Germany) etc. were built. Due to this excellent forms of architecture Demonstration was possible.

4. विज्ञान के क्षेत्र में प्रभाव 4. Impact in Science

पुनर्जागरण की विचारधारा ने वैज्ञानिक ज्ञान के विकास को भी उत्प्रेरित किया, जिससे पाश्चात्य जगत में क्रान्ति आ गई।

The ideology of the Renaissance also stimulated the development of scientific knowledge, which led to a revolution in the western world.

मध्य युग मे चर्च विज्ञान की प्रगति में सबसे बड़ा बाधक था, किन्तु पुनर्जागरण चेतना के कारण चर्च की आस्था में कमी हो गई और लोग संकीर्ण विचारों को त्यागकर।
आधुनिक विचारों के सम्पर्क में आए, जिससे ज्ञान का विकास हुआ।

In the Middle Ages the Church was the biggest impediment to the progress of science, but due to the Renaissance consciousness, the faith of the Church declined and people abandoned the narrow ideas and came into contact with modern ideas, which led to the development of knowledge.

5. भौगोलिक खोजें  5. Geographic Searches

पुनर्जागरण चेतना द्वारा जगाई गई जिज्ञासा व साहस कीभावना ने नए-नए देशो की खोज करने और नए समुद्री मार्गों का पता लगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

The curiosity and courage instilled by the Renaissance consciousness played an important role in exploring new countries and exploring new sea routes.

1487 ई. में बार्थोलोमियो डियाज अफ्रीका के दक्षिणी तट पर पहुंचा, जिसे केप ऑफ गुड हॉप का नाम दिया गया।

Bartholomeo Diaz reached the southern coast of Africa in 1487 AD, which was named the Cape of Good Hop.

इन भौगोलिक खोजों ने अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दिया तथा उपनिवेशवाद एवं साम्राज्यवाद का आधार तैयार किया।

These geographical discoveries gave rise to international trade and laid the foundation for colonialism and imperialism.

6. सामाजिक जीवन पर प्रभाव  6. Impact on social life

पुनर्जागरण काल में समाज में व्यक्तिगत योग्यता पर जोर दिया जाता था, जिससे लोगों का दृष्टिकोण वैज्ञानिक एवं विश्लेषणात्मक हुआ।

In the Renaissance period, emphasis was placed on individual merit in society, which made people’s view scientific and analytical.

नागरिक जीवन का महत्त्व बढ़ने लगा, क्योकि धन का अर्जन व संग्रह करने वाले मध्य वर्ग का विकास हुआ।

The importance of civilian life began to increase, as the middle class that acquired and collected wealth developed.

इस मध्य वर्ग ने सामाजिक विषमताओं पर गौर किया और कुलीन वर्गों के विशेषाधिकारों के विरोध में आवाज उठाई। फलत: समाज में तनाव बढ़ने लगा।सामाजिक संस्थाओं और मूल्यों में मौलिक परिवर्तन होने लगा।

This middle class noticed social inequalities and voiced opposition to the privileges of the elites. As a result, tension began to increase in the society. Fundamental changes started in social institutions and values.

7. धार्मिक जीवन पर प्रभाव 7. Impact on Religious Life

पुनर्जागरण के फलस्वरूप अन्धविश्वास, आस्था, पादरी वर्ग के जीवन एवं धर्म की आलोचनात्मक व्याख्या होने लगी।

The renaissance resulted in a critical interpretation of superstition, faith, the life and religion of the clergy.

जीवन पर से धर्म की पकड़ ढीली हुई। दांते, इरास्मस आदि ने चर्च व्यवस्था में परिवर्तन की माँग की और आगे मार्टिन लुथर के धर्म सुधार आन्दोलन की नीव इस पुनर्जागरण की चेतना ने तैयार कर दी।

Religion loosened over life. Dante, Erasmus etc. demanded changes in the church system and further the foundation of Martin Luther’s Reformation movement laid the foundation of this renaissance consciousness.

8. राजनीतिक जीवन पर प्रभाव  8. Impact on political life

पुनर्जागरण के परिणामस्वरूप राजनीतिक दृष्टि से यूरोप में सामन्तवाद का पतन हुआ तथा शक्तिशाली राष्ट्रों का उदय हुआ।

The renaissance resulted in the fall of feudalism in Europe politically and the rise of powerful nations.

राजनीतिक कार्यों में पोप का हस्तक्षेप अनुचित बताया गया। मैकियावेली ने द प्रिन्स नामक पुस्तक में आधुनिक राजव्यवस्था के चिन्तन की शुरूआत की, जिससे कालान्तर में प्रजातान्त्रिक शासन प्रणाली का जन्म हुआ।

The Pope’s interference in political work was described as inappropriate. Machiavelli introduced the idea of ​​modern polity in a book called The Prince, which led to the birth of democratic governance.

9. राष्ट्रीयता का विकास  9. Development of nationality

पुनर्जागरण के फलस्वरूप यूरोप के निवासियों में राष्ट्रीयता की भावना का संचार हुआ।

The renaissance resulted in a sense of nationalism among the inhabitants of Europe.

अपने अपने राष्ट्र के प्रति अद्भुत प्रेम जागृत होने लगा।देशी भाषाओं की उन्नति के कारण इस प्रक्रिया में बड़ी सहायता मिली।

Amazing love towards our own nation began to be awakened. Due to the advancement of foreign languages, this process helped a lot.

पुनर्जागरण का महत्त्व Importance of Renaissance

बौद्धिक क्रान्ति पुनर्जागरण काल की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण घटना थी। प्राचीन साहित्य का अध्ययन बौद्धिक क्रान्ति का मुख्य कारण था। प्राचीन साहित्यों के अध्ययन से लोगों को एक नई संस्कृति, नए विचार और जीवन के प्रति नया दृष्टिकोण मिला।

The intellectual revolution was the most important event of the Renaissance period. The study of ancient literature was the main reason for the intellectual revolution. The study of ancient literature gave people a new culture, new ideas and a new attitude towards life.

अब प्रत्येक चीज को तर्क की कसौटी पर परखा जाने लगा। पुनर्जागरण में एक ओर जहाँ प्राचीन यूनान एवं रोम की सभ्यताओं को आधार माना गया, वहीं दूसरी ओर एक प्रगतिशील भविष्य के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई।

Now everything has to be tested on the test of logic. On the one hand, in the Renaissance, while the civilizations of ancient Greece and Rome were considered the basis, on the other hand, the foundation of the creation of a progressive future was also laid.

इसने ऐसे समाज की स्थापना को प्रोत्साहित किया, जहाँ मनुष्य मध्ययुगीन बन्धनों से अपने को मुक्त कर सके तथा धर्म-केन्द्रित समाज के स्थान पर मानव-केन्द्रित समाज की स्थापना हो।

It encouraged the establishment of a society where humans could free themselves from medieval bonds and a religion-centered society should be replaced by a human-centered society.

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