मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12- 35-Fundamental Rights Article 12- 35-मौलिक अधिकार क्या है

 मौलिक अधिकार (Fundamental Rights )

मौलिक अधिकारों का उल्लेख संविधान के भाग III में अनुच्छेद 12 से 35 में है। संविधान निर्माताओं को इस संदर्भ में संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान (बिल ऑफ राइट्स) से प्रेरणा मिली थी।

संविधान में भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों की गारंटी दी गई है। इसका आशय दो चीजों से है- पहला, संसद इन अधिकारों को निरस्त या कम केवल संविधान में संशोधन करके ही कर सकती है और यह संशोधन संविधान की धारा 368 में उल्लिखित क्रियाविधि के अनुसार ही किया जा सकता है। दूसरे, इन अधिकारों के संरक्षण का उत्तरदायित्व सर्वोच्च न्यायालय पर है। अर्थात, मौलिक अधिकारों को लागू कराने के लिए पीड़ित व्यक्ति सीधे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है।

ये अधिकार हालाँकि औचित्यपूर्ण है, परंतु निरपेक्ष नहीं। सरकार इन पर न्यायोचित प्रतिबंध भी लगा सकती है, परंतु इन प्रतिबंधों के औचित्य या अनौचित्य का निर्धारण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया जाता है। ये अधिकार राज्य द्वारा अतिक्रमण किए जाने के विरुद्ध नागरिकों की स्वतंत्रताओं और अधिकारों की सुरक्षा करते हैं। संविधान के अनुच्छेद 12 के अनुसार ‘राज्य’ के अंतर्गत भारत सरकार, संसद तथा राज्यों की सरकारें, विधान सभाएँ तथा भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर या भारत सरकार के नियंत्रण के अधीन सभी स्थानीय और अन्य प्राधिकरण शामिल हैं।

सभी न्यायालय किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन करने वाले विधायिका के कानूनों और कार्यपालिका के आदेशों को असंवैधानिक और गैर कानूनी घोषित कर सकते हैं (अनुच्छेद 13)।

मौलिक अधिकार राजनीतिक प्रजातंत्र के आदर्शों को बढ़ावा देने और देश में अधिनायकवादी शासन की प्रवृत्ति को रोकने के लिए हैं।
 संविधान में, मूलतया, सात मौलिक अधिकारों का प्रावधान था। संविधान के 44वें संशोधन अधिनियम 1978 के माध्यम से मौलिक अधिकारों की सूची से ‘संपत्ति के अधिकार’ को हटा दिया गया है। इसलिए अब केवल 6 मौलिक अधिकार हैं, समता का अधिकार यथा

(i) कानून (विधि) के समक्ष समानता अथवा समान कानूनी संरक्षण (अनुच्छेद 14 )

(ii) धर्म, मूल, जाति, लिंग और जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध (अनुच्छेद 15)

(iii) लोक नियोजन के मामलों में अवसर की समानता (अनुच्छेद

16)

(iv) अस्पृश्यता (छुआछूत) का अंत तथा इस प्रकार के किसी भी आचरण पर रोक (अनुच्छेद 17)

(v) पदवियों का अंत (सैन्य और शैक्षिक उपाधियों को छोड़कर) (अनुच्छेद 18)

स्वतंत्रता का अधिकार

(i) सभी नागरिकों को स्वतंत्रता (बोलने की आज़ादी) और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

(ख) शांतिपूर्ण और निःशस्त्र सम्मेलन की स्वतंत्रता

(ग) संगठन या संघ बनाने की स्वतंत्रता

(घ) भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र स्वतंत्र रूप से घूमने-फिरने की स्वतंत्रता

(ङ) भारत के राज्यक्षेत्र के किसी भाग में बसने और रहने की स्वतंत्रता

(च) कोई व्यवसाय, उपजीविका, व्यापार या कारोबार करने की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त होगा।

(ii) अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण (अनुच्छेद 20)

(iii) जीवन और स्वतंत्रता (व्यक्तिगत) का संरक्षण (अनुच्छेद 21)

(iv) कुछ स्थितियों में गिरफ्तारी और नजरबंदी से संरक्षण (अनुच्छेद 22)

शोषण के विरुद्ध अधिकार –

(i) मानव की तस्करी और बलात्श्रम पर प्रतिबंध (अनुच्छेद 23 )

(ii) कारखानों और खदानों में 14 वर्ष से कम आयु के बालकों के नियोजन पर निषेधात्मक प्रतिबंध (अनुच्छेद 24)

 धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार

(i) अंत: करण और धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता (अनुच्छेद25)

(ii) धार्मिक आयोजनों की आज़ादी (अनुच्छेद 26)

(iii) किसी धर्म विशेष की अभिवृद्धि के लिए करो के भुगतान संबंधी स्वतंत्रता (अनुच्छेद 27 )

(iv) शिक्षण संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा प्राप्ति या धार्मिक उपासना की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 28)

सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार

(i) भाषा, लिपि और सांस्कृति के संबंध में अल्पसंख्यक वर्गो के हितों का संरक्षण (अनुच्छेद 29)

(ii) शिक्षण संस्थाओं की स्थापना और उन पर प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार (अनुच्छेद 30)

संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32 ) –

(i) मौलिक अधिकारों को लागू कराने के लिए उच्चतम न्यायालय का आश्रय लेने के अधिकार की गारंटी है।

(ii) उच्चतम न्यायालय को निर्देश या आदेश या रिट, जिनमें बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण रिट शामिल हैं, जारी करने की शक्ति प्राप्त होंगी।

मौलिक अधिकार क्या है

what is a fundamental right

मौलिक अधिकार भारत के संविधान के तीसरे भाग में वर्णित भारतीय नागरिकों को प्रदान किए गए वे अधिकार हैं जो सामान्य स्थिति में सरकार द्वारा सीमित नहीं किए जा सकते हैं और जिनकी सुरक्षा का प्रहरी सर्वोच्च न्यायालय है। ये अधिकार सभी भारतीय नागरिकों को नागरिक स्वतंत्रता प्रदान करते हैं जैसे सभी भारत के लोग, भारतीय नागरिक के रूप में शान्ति के साथ समान रूप से जीवन व्यापन कर सकते हैं।

Fundamental Rights are those rights given to Indian citizens mentioned in the third part of the Constitution of India which in normal condition cannot be limited by the government and whose protection is the Supreme Court. These rights provide civil liberties to all Indian citizens such that all the people of India can live equally and peacefully as Indian citizens.

26 जनवरी 1950 को लागू हुए भारत के मूल संविधान के अनुच्छेद 12-35 में मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया था।

Fundamental rights were mentioned in Article 12-35 of the original Constitution of India which came into force on 26 January 1950.

मूल संविधान में शामिल संपत्ति के अधिकार (अनुच्छेद 31) को 44वें संविधान संशोधन द्वारा 1978 में इस सूची से बाहर किया गया। वहीं, शिक्षा के अधिकार को 86वें संविधान संशोधन के ज़रिए 2002 में मौलिक अधिकार माना गया।

The Right to Property (Article 31) included in the original Constitution was removed from this list in 1978 by the 44th Constitutional Amendment. At the same time, the right to education was recognized as a fundamental right in 2002 through the 86th Constitutional Amendment.

संविधान के भाग III (अनुच्छेद 12-35 तक) में मौलिक अधिकारों का विवरण है।

Part III of the Constitution (up to Articles 12-35) details the Fundamental Rights.

संविधान के भाग III को ‘भारत का मैग्नाकार्टा’ की संज्ञा दी गई है।

Part III of the Constitution has been called the ‘Magna Carta of India’.

मैग्नाकार्टा’ अधिकारों का वह प्रपत्र है, जिसे इंग्लैंड के किंग जॉन द्वारा 1215 में सामंतों के दबाव में जारी किया गया था। यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों से संबंधित पहला लिखित प्रपत्र था।

Magna Carta’ is that form of rights, which was issued by King John of England in 1215 under pressure from the feudal lords. It was the first written document relating to the fundamental rights of citizens.

मौलिक अधिकार: भारत का संविधान छह मौलिक अधिकार प्रदान करता है:

Fundamental Rights: The Constitution of India provides for six fundamental rights:

समता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18)

Right to Equality (Articles 14-18)

स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22)

Right to Freedom (Articles 19-22)

शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24)

Right against exploitation (Articles 23-24)

धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28)

Right to freedom of religion (Articles 25-28)

संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29-30)

Right to Culture and Education (Articles 29-30)

संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)

Right to constitutional remedies (Article 32)

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12- 35-Fundamental Rights Article 12- 35

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12- 35 Fundamental Rights

समता या समानता का अधिकार अनुच्छेद 14-18 मौलिक अधिकार अनुच्छेद 

स्वतंत्रता का अधिकार 19 to 22 

धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार अनुच्छेद 25 -28  

संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार अनुच्छेद 29, 30  

Fundamental Rights

मौलिक अधिकार का इतिहास

History of Fundamental Rights

1215 मैग्नाकार्टा – ब्रिटेन मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

1215 Magnacarta – UK

1787 – 1791 बिल ऑफ राइट्स अमेरिका संविधान में सबसे पहले

1787 – 1791 Bill of Rights First in US Constitution

1789 मानव एवं नागरिकों को अधिकार का घोषणा पत्र- फ्रांस

1789 Declaration of Rights for Humans and Citizens- France

मौलिक अधिकारों की मांग मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

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Demand for fundamental rights

1895 बाल गंगाधर तिलक स्वराज विधेयक में प्रथम मांग

First demand in 1895 Bal Gangadhar Tilak Swaraj Bill

1928 मोतीलाल नेहरू ने नेहरू रिपोर्ट में= प्रथम लिखित मांग

1928 Motilal Nehru first written demand in Nehru Report

1931 कांग्रेस की कराची अधिवेशन सरदार पटेल अध्यक्ष

1931 Karachi session of Congress Sardar Patel President

1931 दूसरे गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी

Mahatma Gandhi at the 1931 Second Round Table Conference

तेज बहादुर सप्रु समिति -1945Tej Bahadur Sapru Committee-1945

तेज बहादुर सप्रु  समिति -1945Tej Bahadur Sapru Committee-1945
तेज बहादुर सप्रु समिति -1945Tej Bahadur Sapru Committee-1945 Fundamental Rights
मौलिक अधिकार अनुच्छेद-12
मौलिक अधिकार अनुच्छेद-12 Fundamental Rights

अनुच्छेद 13 मूल अधिकारों कम करने वाली विधियों का असंगत होनाArticle 13 Fundamental Rights Reduction statutes inconsistent मौलिक अधिकार अनुच्छेद 

अनुच्छेद 13 मूल अधिकारों कम करने वाली विधियों का असंगत होनाArticle 13 Fundamental Rights Reduction statutes inconsistent
 

अनुच्छेद 13- 24संविधान संशोधन 1971 सरकार ने अनुच्छेद 13 (4 )जोड़ दिया और इसमें कहा अनुच्छेद 368 विधि में शामिल नहीं होगा

Article 13- 24 Constitution Amendment 1971 Government added Article 13 (4) and said that Article 368 will not be included in the law

Fundamental Rights

संविधान की पूर्व की विधि

Previous law of constitution

पृथकरणीयता का सिद्धांत नियम जो मूल अधिकार का उल्लंघन करेगा उसे लागू नहीं किया जाएगा जो उल्लंघन नहीं करेगा उन्हें लागू कर दिया जाएगा

Separability principle Rules that violate the fundamental right will not be enforced, those that do not violate will be enforced.

अच्छादन का सिद्धांत ऐसी विधि जो मूल अधिकारों के अनुसार नहीं है वे मूल अधिकारों से ढक जाएगी अगर भविष्य में विधियो में संशोधन किया गया और मूल अधिकारों के अनुसार हो गयी तो भविष्य में इन्हीं उन्हें भी लागू किया जा सकता है

Principle of goodness, such laws which are not in accordance with the Fundamental Rights, they will be covered by the Fundamental Rights. If the laws are amended in future and according to the Fundamental Rights, then they can be applied in the future also.

अधीत्याग का सिद्धांत नागरिक अपने मूल अधिकारों को अपनी मर्जी से त्याग नहीं सकते

Principles of renunciation Citizens cannot relinquish their basic rights on their own

Fundamental Rights

समता या समानता का अधिकार अनुच्छेद 14-18 मौलिक अधिकार अनुच्छेद 

Right to Equality or Equality Article 14-18

अनुच्छेद 14;विधि के समक्ष समानता विधि के समझ व्यक्ति समान होगा इसका अर्थ है यह है कि राज्य सभी व्यक्तियों के लिए एक समान कानून बनायेगा तथा उन पर एक समान लागू करेगा

Article 14; Equality before law shall be equal to the understanding of the law. This means that the State shall make a uniform law for all persons and apply the same to them.

अपवाद राष्ट्रपति कार्यकाल अनुच्छेद 361 इनके कार्यकाल के दौरान कोई भी फौजदारी मामला नहीं चलेगा दीवाने मामले के लिए 2 माह पूर्व नोटिस दिया जाएगा

Exception Presidential term Article 361 No criminal case will be held during his tenure, notice will be given 2 months in advance for a civil case.

संसद के सदस्य संसद की कार्यवाही में मत डाल उन पर कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा

Members of Parliament vote in the proceedings of Parliament, no case will be registered on them

विदेशी राजदूत कूटनीतिक के खिलाफ कोई भी कानून मामला दर्ज नहीं होता है

No law case is filed against foreign ambassador diplomacy

अनुच्छेद 15(i )राज्य किसी भी नागरिक के साथ धर्म जाति लिंग मूलबंश जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा

Article 15 (i) State shall not discriminate against any citizen on the basis of place of birth

अनुच्छेद 15(ii ) किसी भी नागरिक के साथ धर्म जाति लिंग मूलबंश जन्म स्थान के आधार पर राज्य एवं व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर भेदभाव नहीं करेगा

Article 15 (ii) State and individual shall not discriminate against any citizen in the public place on the basis of place of birth

अनुच्छेद 15 (iii )महिला और बच्चे के लिए विशेष प्रावधान बना सकता है

Article 15 (iii) may make special provision for woman and child

अनुच्छेद 15(4 ) इसे प्रथम संविधान संशोधन 1951 द्वारा जोड़ा गया राज्य सामाजिक शैक्षणिक रूप से पिछड़े एससी एसटी के लिए विशेष प्रावधान कर सकेगा

Article 15 (4) added to it by the First Constitution Amendment 1951, the state can make special provision for socially educationally backward SC ST

अनुच्छेद 15(5 ) उच्च शिक्षण संस्थान में भी सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग एससी एसटी के लिए विशेष छूट का प्रावधान कर सकता है इसे संविधान संशोधन 93 वे 2005 में इसे 2006 में लागू किया गया

Article 15 (5) can provide special exemption for socially and educationally backward class SC ST even in higher educational institution, it was implemented in the Constitution Amendment 93, 2005 in 2006

अनुच्छेद 16(1 ) राज्य के अधीन रोजगार एवं नियुक्ति में नागरिकों को अवसर की समानता

Article 16 (1) Equality of opportunity for citizens in employment and employment under the state

अनुच्छेद 16(2 ) राज्य किसी भी नागरिक के साथ नियुक्ति एवं रोजगार में धर्म जाति मूल वंश लिंग जन्म स्थान निवास उद्भभव के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा

Article 16 (2) The state will not discriminate in employment and employment with any citizen on the basis of origin of religion, caste, caste, descent, place of birth, residence

अनुच्छेद 16(3 ) संसद किसी भी राज्य के नागरिकों के लिए निवास के आधार पर रोजगार में विशेष प्रावधान बना सकता है

Article 16 (3) Parliament can make special provision for citizens of any state in employment on the basis of residence

अनुच्छेद 16 (4 )राज सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े एससी एसटी का विशेष प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है तो उसे विशेष प्रवधान कर सकता है

Article 16 (4) Raj can make special provision of socially and educationally backward SC ST if special representation is not enough

बी पी मंडल आयोग 1979
बी पी मंडल आयोग 1979

इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार= 1992 S.C कहा OBC 27% वैध आर्थिक रूप से पिछड़े दस परसेंट आरक्षण असंवैधानिक अनुच्छेद 16 का उल्लंघन के कारण

Indira Sawhney vs Government of India = 1992 S.C said OBC 27% valid economically backward ten percent reservation due to unconstitutional violation of Article 16

आरक्षण 50% से अधिक नहीं होगा

Reservation will not exceed 50%

प्रोन्नति में आरक्षण नहीं होगा

There will be no reservation in promotions

क्रीमी लेयर को भी आरक्षण नहीं

No reservation to creamy layer

इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार के बाद भारत सरकार के कहा भी क्रीमी लेयर लोग कौन हैं क्रीमी लेयर की पहचान के लिए गठन

After Indira Sawhney vs Government of India, the Government of India also said who are the creamy layer people, who are formed to identify the creamy layer

रामनंदन आयोग 1993 रिपोर्ट क्रीमी लेयर लोगों को बताया

Ramanandan Commission 1993 report told creamy layer people

UPSC ,SC,HC, जज AB,AGRAIP कर्नल से ऊपर सविधनिक का पद

UPSC, SC, HC, Judge AB, AGRAIP Above Colonial posts

अनुछेद 16 (4 )44 वा संविधान संशोधन 1995 सरकार ने कहा एससी एसटी का प्रतिनिधित्व सेवाओं में पर्याप्त नहीं है तो प्रोन्नति में आरक्षण दिया जा सकता है

Article 16 (4) 44th Constitution Amendment 1995 Government said that if SC ST representation is not sufficient in services, reservation can be given in promotions.

76 वाँ संविधान संशोधन 1994

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76th Constitution Amendment 1994

तमिलनाडु 69% आरक्षण दिया =9 वी अनुसूची में डाला

Tamil Nadu 69% reservation = 9th Schedule

अनुच्छेद 16(5) धार्मिक संस्था पर किसी पद पर नियुक्ति होनी है तो इसी विशेष धर्म की व्यक्ति के लिए प्रावधान

Article 16 (5) If a religious institution is to be appointed to a post, then provision for the person of this particular religion

103 वां संविधान संशोधन 2019 सामान्य वर्ग की आर्थिक दृष्टि से पहले हुए लोगों को शिक्षण संस्थानों व सरकारी नौकरियों में 1% आरक्षण देने हेतु जनवरी 2019 में संविधान का 124 वां संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया

The 103rd Constitution Amendment 2019: The 124th Constitution Amendment Bill of the Constitution was introduced in January 2019 to provide 1% reservation in educational institutions and government jobs to the people who were in the financial terms of the general category.

Fundamental Rights

इसी के माध्यम से अनुच्छेद 15 (6) 16(6) से जोड़ा गया

Through this, Article 15 (6) was added to 16 (6)

आरक्षण(reservation)

O.B.C

27%

ST

7.5%

SC

15%

General

10%

Total

49.5%

अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत आस्था के उन्यूलन लिए इसे दंडनीय अपराध घोषित किया गया

Article 17 End of untouchability was declared a punishable offense for the abolition of faith.

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 इसे 1976 में लाया गया सार्वजनिक स्थान पर आस्था का व्यवहार करने पर छह माह की सजा

Protection of Civil Rights Act, 1955. It was brought in 1976 and sentenced to six months for behaving in public place.

sc-st अधिनियम 1989 -एससी एसटी से आ सकता करने पर व्यक्ति को दंडित किया जाएगा

sc-st act 1989 – person will be punished for coming from sc st

अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत सेना तथा शिक्षा संबंधित सामान सम्मान के सिवाय अन्य कोई भी उपाधि राज्य द्वारा प्रदान नहीं की जाएगी

Article 18 The end of the titles will not be conferred by the State except for military and education related goods.

भारत का कोई नागरिक किसी अन्य देश से बिना राष्ट्रपति की आज्ञा के कोई अधिकार नहीं कर सकता है

No citizen of India can have any right from any other country without the permission of the President.

नोट -भारत सरकार द्वारा भारत रत्न पदम भूषण पदम पदमश्री एव सेना द्वारा परमवीर चक्र महावीर चक्र वीरचक्र आदि पुरस्कार अनुच्छेद 18 के तहत दिए जाते हैं

Note- Bharat Ratna Padam Bhushan Padam Padamashree and Army awards the Param Vir Chakra Mahavir Chakra Veerchakra etc. under Article 18 by the Government of India.

Fundamental Rights

स्वतंत्रता का अधिकार 19 to 22

Right to freedom 19 to 22

अनुच्छेद-19(1)(a) भाषण एव अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रेम चुप रहने जाने की स्वतंत्रता

Article-19 (1) (a) Freedom of speech and expression Freedom to remain silent

राज्य प्रतिबंध राज्य की एकता और संप्रभुता राज्य की सुरक्षा विदेशी राज्यों से मित्र संबंध सार्वजनिक आदेश नैतिकता की स्थापना न्यायालय कीअवमानना मानहानि किसी अपराध में अनुच्छेद 19(2)

State restriction State unity and sovereignty State protection Friendship with foreign states Public order Establishment of morality Contempt of court Defamation Defamation in an offense Article 19 (2)

अनुच्छेद 19 (1)(b) शांतिपूर्वक बिना हथियारों के एकत्रित होने और सभा करने की स्वतंत्रता प्रतिबंध राज्य की संप्रभुता व अखंडता सार्वजनिक आदेश यातायात नियंत्रण में अनुच्छेद 19 (3)

Article 19 (1) (b) Restricting the freedom of peacefully gathering and gathering without arms Article 19 (3) Sovereignty and integrity of the state Public order traffic control

अनुच्छेद 19-1 (c) संघ बनने की स्वतंत्रता प्रतिबंध भारत की एकता और संप्रभुता सार्वजनिक उद्देश्य नैतिकता अनुच्छेद 19 (4)

Article 19-1 (c) Restrictions to become a union; Unity and sovereignty of India; Public purpose ethics; Article 19 (4)

अनुच्छेद 19-1(d) में देश के किसी भी क्षेत्र में आवागमन की स्वतंत्रता प्रतिबंध आम लोगों की सुरक्षा या हित अनुच्छेद 19(5)

Article 19-1 (d) Restricts freedom of movement in any area of the country Security or interests of common people Article 19 (5)

अनुच्छेद19 -1(e) देश के किसी भी क्षेत्र में निवास करने और बसने की स्वतंत्रता

Article 19 -1 (e) Freedom to reside and settle in any area of the country

Fundamental Rights

प्रतिबंध अनुच्छेद 19 (5)

Restrictions Article 19 (5)

नोट- अनुच्छेद 19 -1 (f) को संपत्ति के अधिकार को 44 वे संविधान संशोधन 1978 में स्वतंत्रता के अधिकार से हटा दिया गया तथा अनुच्छेद 300 (a)में कानूनी अधिकार बना कर दिया गया

Note- Article 19-1 (f) was removed from the right to freedom of property in the 44th constitution amendment 1978 and legal right was made in article 300 (a)

अनुच्छेद 19(g ) कोई भी व्यापार एवं जीविका चलाने की स्वतंत्रता

Article 19 (g) Freedom to run any business and livelihood

प्रतिबंध व्यवसाय के लिए पेश गत या तकनीकी को जरूरी होना ही चाहिए इसी व्यापार व्यवसाय उद्योग या सेवा को पूर्ण या आंशिक रूप से स्वयं जारी रख सकता है अनुच्छेद 19(6)

Restrictions must be made to the business or technology introduced for the business. This trade business can continue the industry or service in whole or in part. Article 19 (6)

अनुच्छेद 20 =अपराध के लिए दो सिद्धि के संबंध में संरक्षण

Article 20 = Protection in relation to two convictions for crime

20 (१) किसी भी व्यक्ति को एक अपराध के लिए सिर्फ एक बार सजा मिलेगी

20 (1) Any person will be punished for a crime only once.

20(2) अपराध करने के समय जो कानून है उसी के तहत सजा मिलेगी ना कि पहले और बाद में बनने वाले कानून के तहत

20 (2) At the time of committing the crime, the law will be punished under the same and not under the law made before and after.

20(3) किसी भी व्यक्ति को स्वयं के विरुद्ध न्यायालय में गवाही देने के लिए बाध्य नहीं जाएगा

20 (3) No person shall be compelled to testify against himself in court.

अनुच्छेद 21 प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण

Article 21 Protection of life and personal liberty

किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त उसके जीवन और वैयकितक स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है

No person can be deprived of his right to life and personal liberty except by the procedure established by law.

विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया विधायिका से नियम बनाकर वचित कर सकती है

The procedure established by law can be framed by making rules from the legislature.

विधायिका ब्रिटेन से नियम

Legislature rules from Britain

मेनिका गांधी बनाम भारत सरकार 1978 सुप्रीम कोर्ट विदेश जाने का अधिकार अनुच्छेद 21

Manika Gandhi v Government of India 1978 Supreme Court right to go abroad Article 21

राजगोपाल बनाम तमिलनाडु 1994 सुप्रीम कोर्ट एकता का अधिकार अनुच्छेद 21

Rajagopal V Tamil Nadu 1994 Supreme Court Right to Unity Article 21

मरने का अधिकार Right to die
मरने का अधिकार Right to die Fundamental Rights

 

शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद 21(a ) 86 वा संविधान संशोधन 2002 ,6 से 14 वर्ष के बच्चों को फ्री शिक्षा एक अप्रैल 2010 से लागू

Right to education Article 21 (a) 86th constitution amendment 2002, free education to 6 to 14 year old children will be applicable from April 1, 2010

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

शादी करने का अधिकार मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Right to marry

अनुच्छेद 22 कुछ दशाओ में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण

Article 22 Protection from arrest and detention in certain cases

अनुच्छेद 22(a) दंडात्मक निरोध अपराध करने के बाद गिरफ्तारी व्यक्ति

Article 22(a) Person arrested after committing a criminal detention offense

गिरफ्तारी का कारण बताना होगा

Must state the reason for arrest

वकील करने का अधिकार होगा मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Will have the right to advocate

24 घंटे के अंदर उसे दंडकारी के समक्ष पेश करना होगा

He will have to appear before the punisher within 24 hours

आने-जाने के समय छोड़कर

Except for commuting

अनुच्छेद 22(b ) निवारक निरोध अपराध करने से पहले गिरफ्तारी 3 महीने से अधिक नहीं रखा जा सकता है न्यायाधीशों की सलाह पर बढ़ाया जा सकता है

Article 22 (b) Preventive detention The arrest may not be kept more than 3 months before committing the offense may be extended on the advice of judges

शोषण के विरुद्ध अधिकार अनुच्छेद 23 ,24

Right against exploitation Article 23, 24

अनुच्छेद 23 मानव के दुव्र्यापार और बलात श्रम का प्रतिरोध

Article 23 Resistance to human abuse and forced labor

इसकी द्वारा किसी व्यक्ति की खरीद बिक्री बेगारी तथा इसी प्रकार का अन्य जबरदस्ती लिया हुआ निषेध ठहराया गया है

By this, prohibition has been made forcing the purchase and sale of a person and other similar forces.

अपवाद जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सेवा करने के लिए बाध्य किया जा सकता है

May be obliged to do national service if exception is required

अनुच्छेद 24 बाल मजदूरी का प्रतिषेद  मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Article 24 Prohibition of child labor

संसद द्वारा 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के जोखिम पूर्ण कार्यों में प्रतिबंध हेतु बनाए गए कानून कारखाना अधिनियम 1948 अधिनियम 1952 बाल श्रम प्रतिरोध अधिनियम 1986 इसमें संशोधन 2016

Legislation Act 1948 Act 1952 Child Labor Resistance Act 1986 amended by the Parliament made by Parliament to ban the risky activities of children below 14 years of age

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

बाल श्रम एवं किशोर श्रम निषेध

Child Labor and Adolescent Labor Prohibition

14 वर्ष की किसी भी कार्य मजदूरी मना

Refuse any 14-year work wage

14 -18 खतरनाक कार्य मना है

14 -18 dangerous work is forbidden

6 माह से 2 वर्ष तक सजा 20000 से 50000 हजार तक जुर्माना

Punishment from 6 months to 2 years 20000 to 50000 thousand fine

 मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35 

धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार अनुच्छेद 25 -28

Right to religious freedom Article 25 -28

अनुच्छेद 25 अंतकरण की और धर्म की आबंध रूप से मानने आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को मना करता है और उसका प्रचार प्रसार कर सकता है व्यक्तियों को प्राप्त सरकार प्रतिबंध लगा सकता है

Article 25 Freedom of conscience and freedom of conduct and propagation of religion strictly

अनुच्छेद 26 धार्मिक कार्यों की प्रबंध करने की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Article 26 Freedom to manage religious affairs

धार्मिक संप्रदाय सुप्रीम कोर्ट 1982

Religious denomination Supreme Court 1982

विशेष धर्म में विश्वास करने वाले व्यक्तियों को का समूह इनका संगठन होना चाहिए इन का विशिष्ट नाम होना चाहिए जैसे रामकृष्ण मिशन आनंद मार्ग 

A group of people who believe in a particular religion should have their organization, they should have a specific name like Ramakrishna Mission Anand Marg

अनुच्छेद 27 धार्मिक आधार पर कर आरोपित करने का निषेध

Article 27 Prohibition of levy of tax on religious grounds

राज्य किसी भी व्यक्ति को ऐसे कार्य करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता जिसका जिसकी आय किसी भी जिस किसी विशेष धर्म अथवा धार्मिक संप्रदाय की उन्नति या पोषण में ब्याय करने के लिए विशेष रूप से निश्चित कर दी जाती है

The state cannot compel any person to do such work, whose income is specially fixed for the promotion or nurture of any particular religion or religious sect.

टैक्स बिना किसी सेवा के अनिवार्य धन वसूली

Compulsory collection of money without tax

FEE सेवा के बदले वसूली

Recovery against FEE service

अनुच्छेद 28 शिक्षिक संस्थाओं में किसी धार्मिक समारोह में भाग लेने की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Article 28 Freedom to attend any religious function in educational institutions

सरकारी स्कूलों में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी कि कोई बात ऐसी शिक्षा संस्था पर लागू नहीं होगी जिनका प्रशासन राज करता है जिंदगी अनुसार शिक्षा संस्थान में धार्मिक शिक्षा देना आवश्यक है

No religious education will be given in government schools that nothing will be applicable to such education institution, whose administration rules, it is necessary to give religious education in education institute according to life.

अनुच्छेद 28 (3 )राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीति द्वारा सहायता प्राप्त संस्था में शामिल होने होने किसी भी व्यक्ति को धार्मिक शिक्षा में भाग लेना लेने उपासना करने हेतु बाध्य नहीं किया जाएगा जब तक वह स्वय वयस्क या होने पर उसके संरक्षक सहमति ना दे दे

Article 28 (3) Any person joining a state-aided institution recognized by the state shall not be compelled to worship to participate in religious education unless he himself is an adult or if his guardian consents.

संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार अनुच्छेद 29 30
संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार अनुच्छेद 29, 30

अनुच्छेद- 29 –अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण

Article 29 – Protection of interests of minorities

अनुच्छेद 29(1) भारत के प्रत्येक नागरिक जिसकी अपनी विशिष्ट भाषा लिपि संस्कृति है उसे बनाए रखने का अधिकार होगा

Article 29 (1) Every citizen of India who has his own specific language script culture shall have the right to maintain it

अनुच्छेद 29 (2) राज्य द्वारा पोषित या राज्य विधि द्वारा सहायता प्राप्त किसे शिक्षा संस्था में प्रवेश से किसी भी नागरिक को केवल धर्म मूल वंश जाति के आधार पर वंचित नहीं किया जाएगा

Article 29 (2) No citizen shall be deprived of admission into an institution of education, which is funded by the State or aided by the State law, only on the basis of religion, original caste, caste.

अनुच्छेद 30 शिक्षा संस्थाओं की स्थापना एवं प्रशासन करने का अल्पसंख्यकों का अधिकार मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Article 30 Right of minorities to establish and administer educational institutions

अनुच्छेद 30(1) धर्म या भाषा पर आधारित अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रूचि के अनुसार शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Article 30 (1) Minority classes based on religion or language will have the right to establish and administer educational institutions according to their interests.

अनुच्छेद 30-1(A )44 वा संविधान संशोधन 1978 में जोड़ा गया जब राज्य के अल्पसंख्यक संप्रदाय की संपत्ति को ग्रहण करेगा तो राज्य को उच्च शिक्षण संस्थान का मुआवजा देना होगा शिक्षा पर आधारित किसी संख्या के आधार पर नहीं करेगा

Article 30-1 (A) 44th Constitution Amendment was added in 1978, when the state takes over the property of the minority community, then the state will have to pay compensation to the higher educational institution, not on the basis of any number based on education.

अनुच्छेद 31: संपत्ति का अधिकार =मूल अधिकार से हटा दिया संविधान संशोधन द्वारा हटा दिया मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

Article 31: Right to property = removed from the original right removed by constitution amendment

अनुच्छेद 300 (A)विधिक कानूनी अधिकार बना दिया HC,SC सीधे नहीं जा सकते

Article 300 (A) made legal legal right HC, SC cannot go directly

संवैधानिक अधिकार का अधिकार अनुच्छेद -32
संवैधानिक अधिकार का अधिकार अनुच्छेद -32

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

रिट अधिकारिता (Writ jurisdiction) मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 35 

1. बंदी प्रत्यक्षीकरण =उस व्यक्ति को प्रार्थना पर जारी किया जाता है जो यह समझता है कि उसे अवैध रूप से बंदी बनाया गया इसके द्वारा न्यायालय पंजीकरण करने वाले अधिकारी को आदेश देता है कि वह बंदी बनाए जय अधिकारों को निश्चित स्थान पर निश्चित समय के अंदर पेश करो का प्रयोग जेल में किए गए सुरक्षा के लिए भी किया जा सकता है इसके लिए व्यक्ति के संबंधित व्यक्ति जा सकते हैं

The habeas corpus =is issued on prayer to the person who realizes that he has been illegally held captive by which the court orders the registering officer to present the habeas rights at a certain place within a certain time. It can also be used for security done in jail for which the concerned person of the person can go.

2. परमादेश =परमादेश उस समय जारी किया जाता है जब कोई भी पदक पदाधिकारी अपने सर्वाधिक कर्तव्य निर्वाह नहीं करता है अधिकारी को कर्तव्य पालन करने का आदेश जारी किया जाता है

2. Paramadesh = The mandate is issued at a time when no medal officer is performing his highest duties, the officer is issued an order to perform the duty.

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

परमादेश का पुजारी नहीं किया जाता है मौलिक अधिकार अनुच्छेद 

The priest is not ordained

1. यदि संबंधित अधिकारी का कर्तव्य केवल व्यक्तिगत

1. If the duty of the officer concerned is based

2. निर्णय पर आधारित है

2. Judgment is based on

3. निजी व्यक्ति संस्थाओं के विरुद्ध

3. Private individuals against institutions

4. संविदात्मक कर्तव्यों की पालना के लिए नहीं

4. Not for covenant of contractual duties

5. ऐसे व्यक्ति जो गैर संवैधानिक हैं

5. Persons who are non-constitutional

6. भारत के राष्ट्रपति या राज्यपाल

6. President or Governor of India

7. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जो न्याय क्षमता में कार्यरत हैं

7. Chief Justice of High Court working in a judicial capacity

अधिकार पृच्छा = इसका अर्थ अर्थ है अपना अधिक प्राधिकार क्या है जब कोई व्यक्ति ऐसे पदाधिकारी के रूप में कार्य करने लगा है जिस के रूप में कार्य करने का उसे वैधानिक रूप से अधिकार नहीं है तो न्यायालय अधिकार पृच्छा के आदेश के द्वारा उस व्यक्ति से पूछता है कि वह किस अधिकार से कार्य कर रहा है जब तक इस बात का संतोषजनक उत्तर नहीं देता वह कार्य नहीं कर सकता है

Rights Inquiry = What does it mean to have more authority? When a person has started working as an officer who does not have the legal right to act as such, then the court would ask the person by order of the right to ask Is that with what authority he is working, till he gives a satisfactory answer, he cannot work

प्रतिषेध= इसका शाब्दिक अर्थ है रोकना यह आज्ञा पत्र सर्वोच्च न्यायालय का उच्च न्यायालय द्वारा निम्न न्यायालयों बा अर्द्धन्यायिक न्यायाधिकरणों को जारी करते हुए आदेश दिया जाता है कि इस मामले में अपने यहां कार्यवाही ना करें क्योंकि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर हैं

Prohibition= literally means withholding this order, the Supreme Court is ordered by the High Court to issue the lower courts and quasi-judicial tribunals not to take action in this matter as the matter is outside their jurisdiction.

उत्प्रेषण =इसका अर्थ है प्राथमिक प्रमाणित होना यह सूचना देना इसके द्वारा अधीनस्थ न्यायालय को यह निर्देश दिया जाता है कि वह अपने पास लंबित मुकदमों को न्याय निर्णय के लिए उसे भ्रष्ट न्यायालय को भेजें उत्प्रेषण निवारक सहायक दोनों तरह का है

Induction = This means giving information to be primary certified Hereby it is directed to the subordinate court to send the cases pending with it to the corrupt court for adjudication.

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

प्रतिषेध व उत्प्रेरण में अंतर मौलिक अधिकार अनुच्छेद 

Difference in prohibition and inducement

दोनों रिटे न्यायिक प्रकृति की हैं प्रतिषेद में वरिष्ठ न्यायालय अधीनस्थ न्यायालय को उन कार्यवाहियो को आगे बढ़ाने से रोक सकता है उत्तप्रेषण में अधीनस्थ न्यायालय सुनवाई पूरी कर चुका है या निर्णय दे चुका है तो उक्त कार्यवाहियो को रद्द करना है प्रतिषेध का उद्देश्य नायक दृष्टि रोकना है सुधारना नहींउत्तप्रेषण में का उद्देश्य से तुष्टि को सुधारना है

Both the writs are of judicial nature. In the case, the superior court can stop the subordinate court from proceeding with those proceedings. In remission, the subordinate court has completed the hearing or has given the decision, then the said proceedings are to be canceled Not to improve

अनुच्छेद 33 सेना की कार्मचरियो को मूल अधिकार प्राप्त नहीं होंगे या और उनकी अधिकार पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं

Article 33 Army personnel will not get the basic rights or their rights can be banned

अनुछेद34 -जिस क्षेत्र में मार्शल सैन्य कानून लागू होगा वहां के लोगों की मूल अधिकारों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है

Article 34 The basic rights of the people in the area where martial military law will be applied are banned.

अनुच्छेद 35- जो भी मूल अधिकार संबंधी नियम बनेंगे उन्हें बनाने का अधिकार सिर्फ संसद को होगा राज्य विधानमंडल को नहीं

Article 35 The Parliament will not have the right to make whatever rules related to the fundamental rights will be with the state legislature

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

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मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

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