आपात उपबंध – राष्ट्रीय आपातकाल अनुच्छेद 352-आपातकाल का प्रभाव- वित्तीय आपातकाल अनुच्छेद 360- देश में अब तक कितने आपातकाल

आपात उपबंध

Emergency provision

आपातकालीन प्रावधान

Emergency provision

जर्मनी से लिया 

Taken from germany

आपात उपबंध  1935 अधिनियम

emergency provision 1935 act

राष्ट्रीय आपातकाल अनुच्छेद 352

National Emergency Article 352

राष्ट्रीय आपातकाल अनुच्छेद 352
राष्ट्रीय आपातकाल National emergency
  • आपात उपबंध
  • राष्ट्रीय आपातकाल
  • National emergency
  • घोषणा राष्ट्रपति द्वारा
  • Announcement by the president
  • अनुमोदन संसद
  • Approval parliament
  • आपात उपबंध
  • आधार युद्ध ब्रह्माय आक्रमण आंतरिक अशांति
  • Base war cosmic invasion internal disturbance
Base war cosmic invasion internal disturbance आधार युद्ध ब्रह्माय आक्रमण आंतरिक अशांति
आधार युद्ध ब्रह्माय आक्रमण आंतरिक अशांति Base war cosmic invasion internal disturbance

आपात उपबंध वापस लेना हटाना

withdraw emergency clause

2 /3 बहुमत से पास ना होने पर

2/3 if not passed by majority

राष्ट्रपति कभी भी वापस ले सकता है

President can withdraw anytime

सामन्य स्थिति होने पर लोकसभा के 1 /10 सदस्य राष्ट्रपति को एक चिट्ठी लिखेंगे

1/10 members of Lok Sabha will write a letter to the President in case of normal situation

राष्ट्रपति को 14 दिन के अंदर बैठक बुलानी होगी सत्र में साधारण बहुमत से पास होने के बाद राष्ट्रीय आपातकाल हटाना होगा राष्ट्रपति को उसी समय

The President must call a meeting within 14 days, after passing a simple majority in the session, the National Emergency will have to be removed at the same time.

आपात उपबंध

आपातकाल का प्रभाव

Effect of emergency

  • (i )मूल अधिकार पर प्रभाव

  • अनुच्छेद 358 प्रभाव् युद्ध बाहय आक्रमण के समय
  • (i) Effect on Fundamental Rights
    Article 358 Influence at the time of war external invasion
  • अनुच्छेद 19 प्रभावित समाप्त
  • Article 19 affected ended
  • आपात उपबंध

अनुछेद 359 राष्ट्रपति के आदेश पर प्रभाव

Article 359 Effect on Presidential Order

20/ 21 को छोड़कर सभी मूल अधिकार समाप्त /लागू होने को निलंबित कर दिए जाएंगे न्यायालय नहीं जा सकती लागू के लिए

All fundamental rights except 20/20 will be terminated / suspended for enforcement. Court cannot go for enforcement.

आपातकाल हटाने पर अनुच्छेद 358 -अनुछेद 19 पुन लागू

Article 358 on removal of emergency – Article 19 re-enacted

राष्ट्रीय आपातकाल भारत के किसी एक हिस्से या पूरे देश में लाया जा सकता है

National Emergency can be brought to any part of India or the whole country.

(2 )लोकसभा व विधानसभा के कार्यकाल पर प्रभाव

आपातकाल के समय

At the time of emergency

 At the time of emergency आपातकाल के समय
आपातकाल के समय At the time of emergency

 

(2) Effect on tenure of Lok Sabha and Vidhan Sabha

(3 )राज्य की कार्यपालिका पर प्रभाव अनुच्छेद 353 वा अनुच्छेद

(3) Effect on the executive of the state Article 353 or Article

केंद्र कार्यपालिका

Center executive

निर्देश राज्य की कार्यपालिका को( राज सूची पर )

Instructions to the executive of the state (on the state list)

(4 ) राज्य विधियाका  पर प्रभाव

(4) Impact on the State Legislature

राज्य की सूची के विषय पर विधि निर्माण संसद को अधिकार

Legislation to Parliament on the subject of the state list

विधानमंडल भाग नहीं हो सकता है

Legislature may not run

आपात उपबंध

नोट आपातकाल के समय संघात्मक से एकात्मक हो जाता है हमारा संविधान अर्ध संघात्मक है

Note: During constitution, it becomes unitary from federal; our constitution is quasi-federal

वित्त पर प्रभाव Effect on finance

आपातकाल के समय राष्ट्रपति राजस्व वितरण से संबंधित नियम बना सकता है

The President can make rules related to revenue distribution during the time of emergency.

अनुच्छेद 354 (2)राज् वितरण से संबंधित राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए नियम संसद के अनुमोदन के लिए जाता है जिसमें साधारण बहुमत से पारित करती है

Article 354 (2) rules made by the President relating to state distribution goes for approval of Parliament in which it passes by simple majority

आपात उपबंध

देश में अब तक कितने आपातकाल

How many emergencies in the country so far

  • 1) अक्टूबर 1962 चीन आक्रमण
  • (1) October 1962 China invasion
  • जनवरी 1968 तक
  • Until January 1968
  • (2 ) दिसंबर 1971 पाकिस्तान आक्रमण
    मार्च 1977 तक
  • (2) December 1971 Pakistan invasion
    Until March 1977
  • (3 )जून 1975 आंतरिक अशांति के कारण
    मार्च 1977 तक
  • (3) June 1975 due to internal disturbance
    Until March 1977

राष्ट्रपति शासन अनुच्छेद 356

President’s rule Article 356

पूरे प्रदेश में लगाया जाता है

Planted all over the state

भीमराव अंबेडकर ने इसी मृत्युपत्र कहा है

Bhimrao Ambedkar has said this obituary

लगने का कारण संवैधानिक तंत्र विफल होने पर अनुच्छेद 356

Article 356 if constitutional machinery fails

(i ) राज्य की सरकार संविधान के अनुसार ना चले

(i) State government should not run according to the constitution

(2 ) राज्य में संवैधानिक उपबंध ना होने पर

(2) In the absence of a constitutional provision in the state

चुनाव के बाद सरकार का न बन पाना

Not able to form government after elections

अनुच्छेद 365 (3 )राज्य की द्वारा केंद्र के निर्देश का पालन ना करने पर

Article 365 (3) of the State not following the Centre’s directive 

आधार 255 ,256 ,257 . अनुछेद

Base 255, 256, 257. Article

राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा लगाया जाएगा

To be imposed by the President on the recommendation of the Governor

38 वॉ संशोधन 1975 न्यायिक समीक्षा नहीं अर्थ सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकते

38th Amendment 1975 Judicial Review No Meaning Supreme Court Cannot Go

राज्य स्थान बनाम भारत संघ केश (1970) सुप्रीम कोर्ट का निर्णय न्यायिक समीक्षा की जा सकती है

State Place v. Union of India (1970), Supreme Court decision can be judicial review

44 वा संशोधन 1978

44th Amendment 1978

राष्ट्रपति के निर्णय को चुनौती दी जा सकती है

President’s decision can be challenged

एसआर मुंबई बनाम भारत संघ केश 1944 न्यायिक समीक्षा की जा सकती है

SR Mumbai vs Union of India 1944 Judicial review can be done

आपात उपबंध

राष्ट्रपति शासन की प्रक्रिया Process of President's Rule
राष्ट्रपति शासन की प्रक्रिया Process of President’s Rule

आपात उपबंध

राष्ट्रपति शासन का प्रभाव

President’s Rule

  • मंत्री परिषद कार्यपालिका को बर्खास्त कर दिया जाएगा
  • Council of Ministers Executive will be dismissed
  • राज्यपाल कार्यकर्ता है राष्ट्रपति के आदेश पर
  • Governor is activist on orders of President
  • राष्ट्रपति शासन में विधानसभा को भंग किया जा सकता है
  • Assembly can be dissolved in President’s rule
  • राज्य की सूची के विषय पर संसद कानून बना सकती है
  • The President may issue ordinances on the subject of the State List
  • संसद की पुष्टि समान स्थिति में राजपाल जारी करता है
  • Rajpal issues confirmation of Parliament in equal condition
  • पुष्टि विधानमंडल 6 सप्ताह में
  • Confirmation Legislature in 6 weeks

आपात उपबंध पेप्सू

Pepsu

  • सर्वप्रथम 20 जुलाई 1951 में पंजाब   में लगाया गया
  • First introduced in Punjab   on 20 July 1951
  • यू पी में 10 बार अंतिम 2002 में
  • 10 times in UP last in 2002

आपात उपबंध

वित्तीय आपातकाल अनुच्छेद 360

Financial emergency article 360

अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को यह विश्वास हो जाता है कि देश या राज्य क्षेत्र की वित्तीय स्थामित्व खतरे में है तो राष्ट्रपति वित्तीय आपातकाल लगा सकता है

Article 360 ​​The President feels that the financial stability of the country or territory is in danger, then the President can impose a financial emergency.

संसद 2 माह में साधारण बहुमत से पास करें

Pass Parliament by simple majority in 2 months

समय अनिश्चितकाल

Time indefinitely

राष्ट्रपति द्वारा वापस लेने तक

Until withdrawn by the president

38 वॉ संविधान संशोधन 1975 से राष्ट्रपति का निर्णय अंतिम चुनौती नहीं दी जा सकती

The President’s decision cannot be final challenged from the 38th Constitution Amendment 1975.

44 वा संशोधन 1978 चुनौती दी जा सकती है सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं

44th Amendment 1978 can be challenged can go to Supreme Court

वित्तीय आपातकाल की घोषणा उस समय की जाती है

Financial emergency is declared at that time

जब लोकसभा विघटित हो तो 2 माह के अंदर राज्यसभा की स्वीकृत एवं लोक सभा की प्रथम बैठक से 30 दिन के अंदर घोषणा की घोषणा की स्वीकति आवश्यक है

When the Lok Sabha is dissolved, it is necessary to approve the announcement of the Rajya Sabha within 2 months and the declaration within 30 days from the first meeting of the Lok Sabha.

आपात उपबंध

वित्तीय आपातकाल का प्रभाव

Effect of financial emergency

केंद्र द्वारा राज्यों का वित्तीय आचरण से संबंधित निर्देश दिए जा सकते हैं

Instructions related to financial conduct of states can be given by the Center

सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के न्यायाधीश और संघ तथा राज्य सरकारों की अधिकारियों के वेतन में कमी की जा सकती है

The salaries of Supreme Court High Court judges and officers of Union and State Governments can be reduced.

राष्ट्रपति राज्य सरकार को यह निर्देश दे सकता है कि राज्य के समस्त विधेयक इसकी स्वीकृत से विधानसभा में पेश किए जाएं

The President can direct the State Government that all the bills of the state be introduced in the Legislative Assembly with its approval.

आपात उपबंध

नोट वित्तीय आपातकाल अभी तक नहीं लगा

Financial emergency not yet felt

  • पांचवी लोकसभा का कार्यकाल 1976 से 70 1977 से 17 तक बढ़ाया गया था
  • The term of the fifth Lok Sabha was extended from 1976 to 70 1977 to 17.
  • राष्ट्रपति शासन में मूल अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है
  • There is no effect on Fundamental Rights in President’s rule.
  • कांग्रेश सरकार ने 84 बार राष्ट्रपति शासन लगाया
  • The Congress government imposed President’s rule 84 times
  • सबसे अधिक लंबे समय तक पंजाब में लगा 1987 से 1992 तक
  • The longest time in Punjab was from 1987 to 1992
  • राज्यपाल एवं राष्ट्रपति के वेतन में कटौती नहीं होती है
  • There is no cut in the salary of Governor and President

आपात उपबंध

इन्हे भी पढ़े

भारतीय नागरिकता अनुच्छेद 5 से 11

स्थानीय शासन

मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से 35

वित् आयोग

मौलिक कर्तव्य

आपात उपबंध

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