भारत का उच्च न्यायालय -High Court of India – अपीलीय क्षेत्राधिकार – उच्च न्यायालय की अधिकारित polity gk

भारत का उच्च न्यायालय अनुच्छेद (214 -231)

1862

कोलकाता उच्च न्यायालय

1862

मद्रास (TN) उच्च न्यायालय मद्रास (तमिलनाडु) उच्च न्यायालय

1862

मुंबई उच्च न्यायालयबंबई उच्च न्यायालय
   

1966

आगरा उच्च न्यायालयआगरा हाईकोर्ट

1869

इलाहाबाद स्थानांतरण इलाहाबाद ट्रांसफर

2019

आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय     

25 वा 

25 वीं

अनुच्छेद 214 भारत के प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा

अनुच्छेद 214 भारत के प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा

अनुच्छेद 231 संसद विधि द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों और किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही उच्च न्यायालय स्थापित कर सकता है

अनुच्छेद 231 संसद कानून द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक एकल उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है।

मुंबई उच्च न्यायालय = महाराष्ट्र + गो + दमनदीप

मुंबई उच्च न्यायालय = महाराष्ट्र + गोवा + दमनदीप

पंजाब उच्च न्यायालय = पंजाब + हरियाणा + चंडीगढ़

पंजाब उच्च न्यायालय = पंजाब + हरियाणा + चंडीगढ़

गुवाहाटी उच्च न्यायालय + असम + नागालैंड + अरुणाचल + मिजोरम + मणिपुर + त्रिपुरा + मेघालय में 2013 में उच्च न्यायालय की स्थापना

2013 में गुवाहाटी उच्च न्यायालय + असम + नागालैंड + अरुणाचल + मिजोरम + मणिपुर + त्रिपुरा + मेघालय में उच्च न्यायालय स्थापित।

कोलकाता उच्च न्यायालय =पश्चिम बंगाल + अंडमान निकोबार

Kolkata High Court = West Bengal + Andaman Nicobar

न्नई उच्च न्यायालय= तमिलनाडु + पांडिचेरी

Chennai High Court = Tamil Nadu + Pondicherry

केरल उच्च न्यायालय = केरल +लक्ष्यदीप

Kerala High Court = Kerala + Lakshdeep

जम्मू कश्मीर=जम्मू कश्मीर +लददाख

Jammu Kashmir = Jammu Kashmir + Ladakh

अनुच्छेद 241 संघ राज्य क्षेत्र के उच्च न्यायालय अलग हो सकते हैं

Article 241 High Courts of Union Territories may differ

1966 ईस्वी दिल्ली हाई कोर्ट की स्थापना

1966 AD Delhi High Court established

अनुच्छेद 215 अनुच्छेद भारत की सभी हाई कोर्ट को अभिलेखीय न्यायालय कहा जाता है

Article 215 Article All High Courts of India are called Archival Courts

हाईकोर्ट के पुराने निर्णयों को सुरक्षित रखा जाएगा /आगे प्रयोग कर सकते हैं

Old High Court decisions will be protected / can be further used

   संवैधानिक निर्णयों को

 Constitutional decisions

भारत का उच्च न्यायालय

भारत का उच्च न्यायालय का गठन आर्टिकल 216

Constitution of High Court Article 216

एक मुख्य न्यायाधीश +अन्य न्यायाधीश

One Chief Justice + Other Judge

न्यायाधीश की नियुक्ति अनुछेद 217 (i )

Appointment of Judge Article 217 (i)

  •         भारत की राष्ट्रपति
  •        President of India
  •       भारत के मुख्य न्यायाधीश
  •       Chief Justice of India
  •      कुछ अन्य न्यायाधीश
  •     Some other judges
  •      उस राज्य के राज्यपाल
  •     Governor of that state

न्यायाधीशों की योग्यताएं अनुछेद217(ii ) भारत का उच्च न्यायालय

Qualifications of judges Article 217 (ii)

  • भारत का नागरिक हो
  • Be a citizen of India
  • 10 वर्ष तक किसी भी हाई कोर्ट अधिवक्ता वकील रहा हो
  • Should have been a High Court Advocate Advocate for 10 years
  • 10 वर्ष तक किसी भी न्यायिक पद जिला न्यायधीश रहा हूं
  • Have been a District Judge for any judicial post for 10 years
  • अधिकतम उम्र सीमा 62 वर्ष हैं (15 वॉ )
  • Maximum age limit is 62 years (15 W)
  • भारत का उच्च न्यायालय

भारत का उच्च न्यायालय कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश अनुछेद 223

Executive Chief Justice Article 223

  • (i)जब मुख्य न्यायाधीश अनुपस्थित हो
  • (i) when the Chief Justice is absent
  • (ii )या मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो
  • (ii) or the post of Chief Justice is vacant
  • तब राष्ट्रपति अन्य न्यायाधीशों में से मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त कर सकता है
  • The President can then appoint the Chief Justice from among the other judges.

भारत का उच्च न्यायालय अपर न्यायाधीश अनुछेद 224

Additional Judge Article 224

जब हाईकोर्ट में अस्थाई रूप से कार्य की वृद्धि हो सके हो जाती है तब राष्ट्रपति अपार न्यायाधीशों की नियुक्ति कर सकता है

When the work can be increased temporarily in the High Court, then the President can appoint immense judges.

इनका इनका कार्यकाल अधिकतम 2 वर्ष का होता है

Their tenure is maximum of 2 years.

न्यायाधीश को शपथ उस राज्य की राज्यपाल द्वारा जलाई जाती है

The oath to the judge is lit by the governor of that state

भारत का उच्च न्यायालय अनुच्छेद 221 वेतन भत्ते

Article 221 salary allowances

  • संसद के द्वारा निर्धारित
  • Determined by parliament
  • मुख्य न्यायाधीश =2.5 लाख
  • Chief Justice = 2.5 Lakh
  • अन्य न्यायाधीश =2.25 लाख
  • Other Judge = 2.25 Lakh
  • आयकर से मुक्त नहीं होता है
  • Is not exempt from income tax
  • राज्य की संचित निधि से दिया जाता है
  • Is given from the State’s Consolidated Fund
  • पेंशन अंतिम माह के वेतन का 50%
  • Pension 50% of last month’s salary
  • राज्य की संचित निधि से नहीं
  • Not out of state’s consolidated fund
  • भारत के संचित निधि से मिलती हैं
  • Meets the Consolidated Fund of India
  • पेंशन अंतिम माह के वेतन का 50%
  • Pension 50% of last month’s salary
  • राज्य की संचित निधि से नहीं
  • Not out of state’s consolidated fund
  • भारत के संचित निधि से मिलती हैं
  • Meets the Consolidated Fund of India
  • न्यायाधीशों का स्थानांतरण 222
  • Transfer of Judges 222
  • दोनों राज्य के गवर्नर की सलाह पर राष्ट्रपति (CJI)
  • President (CJI) on the advice of the Governor of both the states
  • दोनों राज्य के गवर्नर की सलाह पर
  • On the advice of the governor of both the states
  • न्यायालय की अधिकता नियुक्ति
  • Excess appointment of court

भारत का उच्च न्यायालय की अधिकारित

High court empowered

मूल अधिकरता 1. नागरिकों से जुड़े मौलिक अधिकार का उल्लंघन पर

Original excess1. Violation of Fundamental Rights involving citizens

2. अधीनस्थ न्यायालय में कोई ऐसा मामला आया जिसमें कोई विधि का सरवन प्रश्न निहित है तो वह प्रश्न पहले हाईकोर्ट भेजा जाएगा और हाई कोर्ट के निर्णय के बाद मामला वापस उसी आधे रास्ते न्यायालय में आ जाएगा वेदिका सरवन प्रश्न ऐसा कोई प्रश्न मामला जिस पर ऐसी का भी कोई निर्णय नहीं आया

2. In the subordinate court, there is a case in which a question of law is contained, then that question will be sent to the High Court first and after the decision of the High Court, the case will come back to the court halfway to the Vedika Sarvan question. No decision came

3. संसद सदस्य विधान मंडल के सदस्यों से जुड़ा मामला

3. Matters related to Members of Legislature Members of Parliament

नोट इन सही में आप सीधे हाई कोर्ट जा सकते हैं

Note that you can go directly to the High Court

  • अनुच्छेद 226
  • Article 226
  • हाई कोर्ट को रिट जारी करने का अधिकार होगा
  • High court will have the right to issue writ

भारत का उच्च न्यायालय अपीलीय क्षेत्राधिकार

Appellate jurisdiction

1. अधीनस्थ न्यायालय के द्वारा दिए गए निर्णय पर प्रथम अपील सत्र न्यायालय 2nd अपील हाईकोर्ट में कर सकते हैं

1. On the decision given by the Subordinate Court, the First Appeal Sessions Court can make the second appeal in the High Court.

2. अगर किसी भी अपराधी के केस में 7 वर्ष से ज्यादा सजा है तो ऐसी तो हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं

2. If any criminal has more than 7 years in the case, then he can appeal in the High Court.

3. सत्र न्यायालय के द्वारा किसी व्यक्ति को मृत्यु दंड की सजा दी जाती है तू यह केस हाई कोर्ट जाना ही अनिवार्य है जिससे हाई कोर्ट केस की जांच करता है

3. A person is sentenced to death by the Sessions Court, you must go to the High Court, which makes the High Court investigate the case

भारत का उच्च न्यायालय अधीक्षण की शक्ति 227

Power of superintendence 227

राज्य के अंतर्गत सभी न्यायालयों का अध्यक्ष होता है हाई कोर्ट

The High Court is headed by all the courts under the state.

भारत का उच्च न्यायालय न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति 226 ,213

The power of Judicial review 226, 213

1. विधायक की अगर कोई ऐसा कानून बनाती है जो संविधान को अतिक्रमण नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है चाहे राज्य विधानमंडल हो या सांसद हो वह तो कोई भी हाईकोर्ट इस कानून को रद्द कर सकता है

1. If a legislator makes a law that violates the constitution violates the fundamental rights of the citizens, be it the state legislature or the MP, then any High Court can repeal this law.

1. कोई भी उच्च न्यायालय इस कानून को रद्द कर सकता है यदि विधायक कोई भी कानून बनाता है जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, चाहे राज्य विधानमंडल हो या सांसद।

1. Any High Court can repeal this law if the legislator makes any law which violates the fundamental rights of the citizens, whether the State Legislature or the MP.

नोट सभी हाईकोर्ट के प्रावधान के समान है

Note is the same as all High Court provisions.

अनुच्छेद 235 उच्च न्यायालय अधीनस्थ न्यायालयों को नियंत्रित करेगा

Article 235 High court to control subordinate courts

इन्हे भी पढ़े

उच्चतम-न्यायालय

मौलिक अधिकार

मूल कर्तव्य 

प्रधानमंत्री-और-उनका-कार्यकाल 

आपात-उपबंध

राज्य 

राज्य विधान मंडल 

स्थानीय स्वशासन

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