भारत का राष्ट्रपति polity upsc gk

राष्ट्रपति  (The President)

भारत के संविधान में राष्ट्रपति पद का प्रावधान है राष्ट्रपति भारतीय राज्य का प्रमुख संघ की कार्यकारी शक्ति राष्ट्रपति में निहित है पर वह नाम मात्र का कार्यकारी है

The Constitution of India provides for the post of President, the President of the Indian State is the executive power of the Union, but the President is a nominal executive.

 राष्ट्रपति चुनाव और पद युक्ति पद से हटाया जाना

Election and removal from office

राष्ट्रपति संसद की दोनों सदनों के सदस्यों और राज्यों की विधान सभाओं के चुने गए सदस्यों द्वारा चुना जाता है

The President is elected by the members of both the Houses of Parliament and the elected members of the Legislative Assemblies of the States.

इस प्रकार संसद के दोनों सदनों के लिए नामित मनोनीत सदस्य गणराज्य विधानसभा और विधान परिषद सदस्य विधान मंडलों की स्थिति में के नामित सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेते हैं

Thus nominated members nominated to both houses of parliament, Republic of Legislative Assembly and Legislative Council members in the event of Legislatures nominated members do not participate in the presidential election

इसके अतिरिक्त यह राज्य शब्द में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ राज्य क्षेत्र पांडुचेरी शामिल है

In addition, this state word includes the National Capital Territory of Delhi and the Union Territory of Pondicherry.

संविधान में प्रावधान है कि राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधित्व के स्तर पर तथा राज सम्रेग रूप से राज्यों की संघ के बीच जहां तक व्यावहारिक हो समानता और एकरूपता होगी

The constitution provides that at the level of representation of different states in the process of presidential election and as a rule, there will be equality and uniformity between states as far as practicable.

राष्ट्रपति का चुनाव एकल हस्ताक्षरित और गुप्त मतदान द्वारा समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है

The President is elected by single signed and secret ballot according to the proportional representation process

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1 राष्ट्रपति पद पर चुने जाने के लिए किसी व्यक्ति को निम्नलिखित अर्हताए पूरी करनी चाहिए

राष्ट्रपति पद पर चुने जाने के लिए किसी व्यक्ति को निम्नलिखित अर्हताए पूरी करनी चाहिए

To be elected as President, a person must fulfill the following qualifications

भारत का नागरिक होना चाहिए

Must be a citizen of India

35 वर्ष की आयु पूरी होनी चाहिए की सदस्यता का मात्र

35 years of age should be completed

लोकसभा की सदस्यता का पात्र होना चाहिए संघ सरकार राज्य

Union government state should be eligible for membership of Lok Sabha

सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकरण में किसी लाभ के बीच पर ना हो

Not in the middle of any profit in the government or any local authority

भारत में केंद्रीय सरकार और प्रशासन

  Central Government and Administration in India

संविधान में उपर्युक्त के अतिरिक्त निम्नलिखित शब्दों में भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्धारित की गई है

In addition to the above in the constitution, the following words have also been prescribed for presidential election

 (i)राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी को संसद के किसी सदन और राज्य विधानसभा का सदस्य नहीं होना चाहिए

The presidential candidate should not be a member of either House of Parliament and State Legislative Assembly

 (ii)उसे लाभ के लिए अन्य पद पर नहीं होना चाहिए

He should not hold another position for profit

 (iii)राष्ट्रपति की परिलब्धियां भत्तो और विशेष विशेषअधिकारों का निर्माण निर्धारण संसद द्वारा किया जाएगा

The President’s emoluments allowances and special special powers will be determined by the Parliament

 (iv)राष्ट्रपति को भारत का मुख्य न्यायाधीश शपथ दिलाता है उसकी अनुपस्थिति में यह कार्य सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ एवं उपलब्धि न्यायधीश के द्वारा संपन्न किया जाता है

In the absence of the Chief Justice of India, the President is sworn in to the President, this work is done by the Senior and Achievement Judge of the Supreme Court.

राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है तथापि वह किसी भी समय भारत के उपराष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र सौंप सकता है उपराष्ट्रपति को संबोधित यह त्यागपत्र लोकसभा अध्यक्ष को भेजा जाता है

The term of the President is 5 years however he can submit his resignation to the Vice President of India at any time.

राष्ट्रपति को संविधान के प्रावधानों के उल्लंघन के महाभियोग पद से कार्यकाल की समाप्ति से पहले हटाया जा सकता है।

The President may be removed from the post of impeachment for violation of the provisions of the Constitution before the expiry of his term.

महाभियोग संसद के किसी भी सदन द्वारा आरोपित किया जा सकता है। यह अभियोग पर सदन के एक-चौथाई सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए। (जो बदलाव कर सकते हैं) तथा राष्ट्रपति को 14 दिन की पूर्व-सूचना देनी होती है।

Impeachment can be imposed by any House of Parliament. This indictment must be signed by one-quarter of the members of the House. (Who can make changes) and the President has to give 14 days’ notice.

सदन के कुल सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्यों द्वारा महाभियोग विधेयक पारित कर दिए जाने के बाद इसे दूसरे सदन में अभियोगों की जांच के लिए भेजा जाता है।

After the impeachment bill is passed by two-thirds of the total members of the house, it is sent to the second house for investigation of prosecutions.

ऐसे जाँच के समय राष्ट्रपति को उपस्थित रहने या अपना कोई प्रतिनिधि भेजने का अधिकार है।

The President has the right to be present at the time of such inquiry or to send a representative.

यदि दूसरा सदन भी अभियोग को ठीक मानता है और अपने सदस्यों की कुल संख्या के दो-तिहाई बहुमत द्वारा महाभियोग विधेयक पारित कर देता है तो विधेयक पारित किए जाने की तिथि से ही राष्ट्रपति को पदच्युत माना जाता है

If the second house also considers the indictment to be correct and passes the impeachment bill by a two-thirds majority of the total number of its members, then the President is deemed to be removed from the date the bill was passed. 

राष्ट्रपति के निधन,उनके त्यागपत्र अथवा पदच्युति या अन्य स्थिति में स्थान रिक्त होने पर नया राष्ट्रपति चुने जाने तक राष्ट्रपति पद का कार्य उपराष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा।

In the event of the death of the President, his resignation or vacancy or vacancy in other position, the Presidential work will be done by the Vice-President until the new President is elected.

इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति बीमारी, अनुपस्थिति या अन्य कारण से अपना कार्य कर सकने कर स्थिति में न हो तो राष्ट्रपति द्वारा कार्यभार संभालने तक उपराष्ट्रपति को वे सभी शक्तियाँ और निरापदताएँ प्राप्त होती हैं जो राष्ट्रपति को प्राप्त होती हैं।

In addition, if the President is not in a position to perform his work due to sickness, absence or other reason, the Vice-President enjoys all the powers and immunities that the President has until the President takes office.

इस अवधि में उपराष्ट्रपति संसद द्वारा निर्धारित परिलब्धियों और भत्तों तथा विशेषाकार का हकदाधिर होता हैं

During this period, the Vice President is entitled to the emoluments and allowances and privileges prescribed by the Parliament.

राष्ट्रपति पदधारी अथवा पदधारण कर चुके व्यक्ति इस पद। पर दुबारा चुने जाने के लिए पात्र होते हैं। राष्ट्रपति के कार्यकाल की समाप्ति पर रिक्ति को भरने के लिए चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल की समाप्ति से पहले पूरा कर लिया जाता है। 

Presidential post or person holding office But they are eligible for re-election. Elections to fill the vacancy at the end of the term of the President. Is completed before expiration.

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति के निधन, त्यागपत्र या पदच्युति या अन्य कारण से हुई रिक्ति को भरने के लिए चुनाव रिक्ति की तिथि से 6 माह के भीतर करा लिया जाना चाहिए।

In addition, the election must be held within 6 months from the date of vacancy to fill the vacancy caused by the President’s demise, resignation or dismissal or other reason.

राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित सभी संदेहों और विवादों का निराकरण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया जाता है जिसका निर्णय अंतिम होता है।

All doubts and disputes related to the presidential election are resolved by the Supreme Court, whose decision is final.

राष्ट्रपति के रूप में किसी व्यक्ति के चुनाव को इस आधार पर चनौती नहीं दी जा सकती कि चुनाव के समय सदस्यों की संख्या (जो चुनाव में मताधिकार का प्रयोग करते हैं) पूरी नहीं थी।

The election of a person as President cannot be made on the grounds that the number of members (who exercised franchise in the election) was not complete at the time of election.

यदि सर्वोच्च न्यायालय किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति चुने जाने को रद्द करार देता है तो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ऐसा निर्णय देने की तिथि से पूर्व उसके (राष्ट्रपति) द्वारा किए गए कार्य को अवैध नहीं माना जाएगा अर्थात वे कार्य प्रभावी रहेंगे।

If the Supreme Court declines a person to be elected President, then the work done by his (the President) before the date of the Supreme Court giving such decision will not be considered invalid, meaning that those works will remain in effect.

राष्ट्रपति की शक्तियाँ और कार्य (Powers and Functions) भारत के राष्ट्रपति को प्राप्त शक्तियाँ और उसके द्वारा निष्पादित कार्यों की जानकारी निम्नलिखित शीर्षों के माध्यम से प्राप्त की जा | सकती है

Powers and Functions of the President: Information about the powers received by the President of India and the functions performed by him can be obtained through the following heads. Might

भारत में केंद्रीय सरकार और प्रशासन

                Central Government and Administration in India

सदस्य को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता/ सभापतित्व करने के लिए नियुक्त कर सकता है।

May appoint a member to preside / preside over the proceedings of the House.

(v) राष्ट्रपति, साहित्य, विज्ञान, कला और समाजसेवा के क्षेत्र के 12 प्रतिष्ठित और विद्वान व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत कर सकता है।

(v) President, eminent and learned persons of the field of literature, science, art and social service of Rajya Sabha
Can nominate for

(vi) राष्ट्रपति, आंग्ल-भारतीय समुदाय से 2 व्यक्तियों को लोकसभा सदस्य के रूप में भी मनोनीत कर सकता

(vi) President, 2 persons from Anglo-Indian community May also nominate as a member of the Lok Sabha

(vii) राष्ट्रपत्ति, चुनाव आयोग के परामर्श से संसद सदस्यों की अयोग्यता के प्रश्न का भी समाधान करता है।

(vii) President, Members of Parliament in consultation with Election Commission Also addresses the question of disqualification.

(viii) कुछ तरह के विधेयकों को संसद में लाने के लिए राष्ट्रपति की पूर्वानुमत्ति जरूरी होती है। जैसे कि (i ) भारत की संचित निधि से व्यय किए जाने के आशय का विधेयक, और (ii) किसी राज्य की सीमाओं में बदलाव अथवा नए राज्य का निर्माण-संबंधी विधेयक।

(viii) Prior approval of the President is necessary for bringing certain types of Bills to Parliament. Such as (i) a bill for the expenditure from the Consolidated Fund of India, and (ii) a bill relating to the alteration of the boundaries of a state or the creation of a new state.

(xi) संसद द्वारा पारित विधेयक को राष्ट्रपति के पास जब भेजा
जाता है, तब राष्ट्रपति

(xi) When a bill passed by the Parliament is sent to the President
Goes, then the president

(क) विधेयक पर अपनी सहमति प्रदान करता है, या

(A) gives its assent to the Bill, or

(ख) विधेयक से संबंधित अपनी सहमति रोकता है, या

(B) withholds its consent relating to the Bill, or

(ग) विधेयक को (यदि यह मुद्रा विधेयक या संविधानसंशोधन विधेयक नहीं है तो) संसद में पुनर्विचार के लिए वापिस भेजता है।

(C) The bill (if it is not a currency bill or a constitutional amendment bill) is sent back to Parliament for reconsideration.

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तथापि, संसद यदि विधेयक को संशोधन के साथ या इसके बिना दोबारा पारित करती है तो राष्ट्रपति को अपनी सहमति देनी होती है। इस प्रकार राष्ट्रपति को संसद द्वारा पारित विधेयकों के संदर्भ में वीटो शक्ति प्राप्त है। वीटो शक्ति निम्नलिखित चार प्रकार की हैं

However, if Parliament passes the Bill again with or without amendment, the President has to give his assent. Thus the President has veto power in the context of Bills passed by Parliament. Veto Shakti has the following four types

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 (क) विधेयक से संबंधित अपनी सहमति रोक लेने की वीटो शक्ति जिसे परम वीटो कहते हैं।

(A) To withhold his consent related to the Bill Veto power is called ultimate veto.

ख) सशर्त वीटो जिसके लिए विधायिका में उच्चतर बहुमत आवश्यक है।

B) Conditional veto which requires a higher majority in the legislature.

(ग) निलंबनीय वीटो जिसके लिए विधायिका में साधारण बहुमत आवश्यक है।

(C) A suspended veto for which a simple majority in the legislature is required.

(घ) जेबी वीटो अर्थात विधेयक से संबंधित सहमति देने में विलंब किया जाना।

(D) Delay in giving consent to JB veto ie Bill.

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भारत के राष्ट्रपति को प्राप्त वीटो शक्ति परम (एब्सॉल्यूट), निलंबनीय (सस्पेंसिव) और जेबी (पॉकेट) वीटो का मिलाजुला रूप है।

The veto power obtained by the President of India is a mixed form of the ultimate (absolute), suspenseful and JB (pocket) veto.

(x) जब राज्यपाल राज्य विधानसभा द्वारा पारित किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ भेजता है तो राष्ट्रपति

(x) When the Governor sends a bill passed by the State Assembly for consideration of the President, the President

(क) विधेयक पर अपनी सहमति देता है,

A) gives his assent to the Bill,

(ख) विधेयक पर अपनी सहमति रोक लेता है,

B) withholds its consent to the Bill,

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